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    दिल्ली में तीन बड़े अस्पताल मिलकर बनेंगे स्वायत्त संस्थान, मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 09:13 PM (IST)

    दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को मिलाकर एम्स की तर् ...और पढ़ें

    एम्स की तर्ज पर स्वायत्त संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय।

    एम्स की तर्ज पर स्वायत्त संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय।

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    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी), दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (डीएससीआइ) और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) को एकीकृत कर एम्स की तर्ज पर स्वायत्त संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।

    इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों, चिकित्सा उपकरणों और आधारभूत संरचना का बेहतर उपयोग हो सकेगा और मरीजों को अधिक सुव्यवस्थित तथा उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

    राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपलब्ध 650 बेड में से लगभग 400 खाली रहते हैं। दूसरी ओर दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट और जीटीबी अस्पताल में मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक है। कई अस्पतालों में महंगे उपकरण हैं लेकिन इसे चलाने के लिए स्टाफ की कमी है। एकीकृत व्यवस्था के तहत इन सभी महंगे उपकरणों और अन्य संसाधानों का बेहतर और समन्वित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

    राजीव गांधी अस्पताल में कार्डियोलाजी, पल्मोनोलाजी, गैस्ट्रोएंटरोलाजी, गैस्ट्रो सर्जरी, नेफ्रोलाजी, यूरोलाजी, रूमेटोलाजी और क्लीनिकल हेमेटोलाजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को कैंसर उपचार से संबंधित सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा, जहां रेडिएशन आनकोलाजी, सर्जिकल आनकोलाजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, पेलिएटिव केयर और रेडियो इमेजिंग जैसी सेवाओं को समेकित किया जाएगा। वहीं, गुरु तेग बहादुर अस्पताल में आर्थोपेडिक्स, इंटरनल मेडिसिन, ईएनटी, जनरल सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, एंडोक्रिनोलाजी, नेत्र रोग विभाग को और मजबूत किया जाएगा।

    निमहंस-2 के रूप में विकसित होगा इहबास

    इंस्टीट्यूट आफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) को बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसके लिए इहबास अपनी 75 एकड़ खाली भूमि गुरु तेग बहादुर अस्पताल को सौंपेगा। इस भूमि का उपयोग एक विशाल ‘एकीकृत संस्थान’ विकसित करने के लिए किया जाएगा। इहबास के पास वर्तमान में कुल 111.69 एकड़ भूमि है, जिसमें से अधिकांश हिस्सा खाली और भविष्य के विस्तार के लिए उपयुक्त है।

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    इहबास का वर्तमान अस्पताल भवन लगभग 19.9 एकड़ में फैला है, लेकिन संस्थान की कई पुरानी इमारतें जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं। इसकी जगह आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर बनेगा। सरकार का उद्देश्य इन चारों संस्थानों को एक साथ लाकर दिल्ली को चिकित्सा उत्कृष्टता का एक राष्ट्रीय केंद्र बनाना है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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