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    करोल बाग में PG की इमारत में लगी आग, जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदी छात्रा; फिर जो हुआ...

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 09:02 PM (IST)

    मध्य दिल्ली के करोल बाग में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से पीजी में फंसी दो छात्राओं ने जान बचाने के लिए छलांग लगाई। एक छात्रा तारों में उलझकर बची ...और पढ़ें

    करोल बाग में तीन मंजिला इमारत में लगी आग। जागरण

    करोल बाग में तीन मंजिला इमारत में लगी आग। जागरण

    HighLights

    1. करोल बाग की इमारत में लगी भीषण आग।

    2. पीजी में फंसी दो छात्राओं ने लगाई छलांग।

    3. एक छात्रा घायल, दूसरी सुरक्षित बचाई गई।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित चना मार्केट में बुधवार सुबह एक तीन मंजिला इमारत में आग लग गई। तीन मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर बने चमड़े के जूतों के गोदाम में लगी आग कुछ ही देर में ऊपर तक फैल गई। तीसरी मंजिल पर छात्राओं के लिए संचालित पीजी में रह रही दो छात्राएं धुएं और आग के बीच फंस गईं। छत पर जाने का रास्ता बंद मिलने और नीचे उतरने का कोई सुरक्षित मार्ग न होने के चलते एक छात्रा ने तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी।

    गनीमत रही कि गली में तारों में उलझकर गिरने से उसकी जान बच गई, जबकि दूसरी छात्रा ने बगल वाली इमारत की छत पर कूदकर जान बचाई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की 14 गाड़ियों को लगाया गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा दिया गया, ताकि आग फैलने की स्थिति में कोई बड़ा हादसा न हो।

    बुधवार सुबह करीब 10:58 बजे करीब आग लगने की सूचना मिली थी। 161 वर्ग गज में बनी इस इमारत के बेसमेंट और पहली-दूसरी मंजिल पर जूतों का गोदाम था, जबकि तीसरी मंजिल पर छात्राओं के रहने के लिए पीजी संचालित किया जा रहा था। आग लगने के समय जयपुर के विप्रा आर्या और ग्वालियर की नमृता यादव पीजी में मौजूद थीं। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे फ्लोर में भर गया और दोनों छात्राएं बाहर निकलने का रास्ता तलाशने लगीं।

    जान बचाने के लिए दोनों पहले छत की ओर भागीं, लेकिन वहां पहुंचकर पता चला कि छत का दरवाजा बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। मजबूर होकर दोनों वापस अपने फ्लोर पर लौटीं। सामने की ओर कोई बालकनी नहीं थी, जबकि पीछे की बालकनी भी लोहे के जाल से पूरी तरह बंद थी। ऐसे में दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह जाल के पास लगी शीट हटाकर बाहर निकलने का रास्ता बनाया।

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    स्थिति लगातार बिगड़ती देख विप्रा ने पीछे की ओर गली में छलांग लगा दी। गिरते समय वह गली में लगे केबल तारों से उलझती हुई नीचे पहुंची, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि उसके शरीर में फ्रैक्चर आया और उसे तत्काल सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों के अनुसार, उसकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं, नमृता यादव ने पास की इमारत की छत पर छलांग लगाकर खुद को सुरक्षित बचा लिया।

    शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट माना जा रहा है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए क्राइम टीम और फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। इमारत के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। दमकल अधिकारियों ने बताया कि इमारत सामने और पीछे दोनों ओर से काफी हद तक बंद थी, जिससे धुआं तेजी से भर गया और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया।

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