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दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के पास बनेंगे 40 मंजिला अपार्टमेंट्स, 80 लाख की नई आबादी के लिए DDA का मेगा प्लान

Published: Tue, 25 Aug 2026 08:34 PM (IST)

दिल्ली मास्टर प्लान-2047 के तहत बढ़ती आबादी और सीमित जमीन के कारण अब शहर 'वर्टिकल डेवलपमेंट' की ओर बढ़ेगा। 500 ...और पढ़ें

दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के पास बनेगी हाईराइज इमारतें। फोटो: एआई जनरेटेड

दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के पास बनेगी हाईराइज इमारतें। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. 500 एफएआर से बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ

  2. बढ़ती आबादी के लिए ऊंची इमारतों में आधुनिक आवास

  3. मेट्रो हब के पास मिक्स-यूज डेवलपमेंट से ट्रैफिक में कमी

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सीमाएं (1,483 वर्ग किमी) स्थिर हैं और जमीन पूरी तरह भर चुकी है। इसके बावजूद अगले दो दशकों में शहर में लगभग 80 लाख नए नागरिक जुड़ने वाले हैं।

जमीन की इस किल्लत और बढ़ती आबादी के बीच दिल्ली को बचाने के लिए मास्टर प्लान -2047 में बड़ा कदम उठाया गया है। अब दिल्ली चौड़ाई में नहीं बल्कि ऊपर की ओर यानी 'वर्टिकल डेवलपमेंट' (ऊंची इमारतों) की तरफ बढ़ेगी।

इसके लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) और झुग्गी पुनर्वास योजनाओं में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाकर 500 तक कर दिया गया है।

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क्या होता है 500 एफएआर?

सरल शब्दों में समझें तो एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) यह तय करता है कि जमीन के एक टुकड़े पर कितनी मंजिलें बनाई जा सकती हैं या कितना निर्माण किया जा सकता है। एफएआर जितना ज्यादा होगा, इमारत उतनी ही ऊंची बनाई जा सकेगी।

पुराने नियमों में आबादी के घनत्व पर लगी सीमाओं के कारण ऊंची इमारतें बनाने पर रोक थी, लेकिन नए प्लान में यह पाबंदी हटा दी गई है। 500 एफएआर की छूट मिलने से अब मेट्रो स्टेशनों, प्रमुख बस टर्मिनलों और हाई-डेंसिटी काॅरिडोर (एचडीसी) के आसपास 30 से 40 मंजिला लग्जरी और किफायती ऊंची इमारतें बन सकेंगी।

एक ही परिसर में मिलेगा सब कुछ 

  • मेट्रो स्टेशन के पास आवास : लोग मेट्रो स्टेशन या बस टर्मिनल से उतरकर सीधे अपने हाईराइज अपार्टमेंट में जा सकेंगे, जिससे सड़कों पर गाड़ियों का ट्रैफिक घटेगा।
  • मिक्स-यूज कल्चर : एक ही ऊंची इमारत के निचले हिस्सों में शाॅपिंग माॅल, दफ्तर और जिम होंगे, जबकि ऊपरी मंजिलों पर रिहायशी फ्लैट होंगे।
  • खुली हरियाली के लिए बचेगी जमीन : जमीन पर चौड़ाई में कंक्रीट फैलाने के बजाय ऊंची इमारतें बनने से नीचे की खाली जमीन पर पार्क, खेल के मैदान और चौड़ी सड़कें बनाने के लिए ज्यादा जगह बचेगी।
  • यह नया विजन न केवल 80 लाख अतिरिक्त आबादी को सुरक्षित और आधुनिक छत देगा, बल्कि दिल्ली को न्यूयार्क और टोक्यो जैसे वैश्विक शहरों की तर्ज पर एक नया 'स्काईलाइन' (ऊंची इमारतों वाला दृश्य) भी प्रदान करेगा।

वर्टिकल दिल्ली की चार मुख्य बातें

  • 500 एफएआर की छूट : टीओडी और झुग्गी पुनर्वास जोन में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ।
  • घनत्व सीमा खत्म : कम ज़मीन पर अधिक लोगों के रहने के लिए पुरानी पाबंदियां हटाई गईं।
  • ट्रैफिक से राहत : मेट्रो और ट्रांसपोर्ट हब के 500-800 मीटर दायरे में ही रिहायशी और कमर्शियल हब।
  • आधुनिक लाइफस्टाइल : एक ही परिसर में घर, दफ्तर, दुकान और नीचे खुला ग्रीन एरिया।

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