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मास्टर प्लान 2047: लंदन-न्यूयार्क की तर्ज पर बदलेगी दिल्ली की रात, 24X7 चलेंगे चुनिंदा बाजार और मनोरंजन केंद्र

Updated: Fri, 21 Aug 2026 09:57 PM (GMT+05:30)

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 शहर को लंदन-न्यूयॉर्क की तर्ज पर 24 घंटे सक्रिय शहर बनाने का लक्ष्य रखता है। यह योजना देर रात तक व्यापार, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को गति देगी, साथ ही सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. दिल्ली को 24 घंटे सक्रिय अंतरराष्ट्रीय शहर बनाने की योजना।

  2. एरोसिटी मॉडल पर विकसित होंगे वाणिज्यिक गलियारे, खेल परिसर।

  3. सुरक्षित नाइटलाइफ सर्किट से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली की पहचान अब केवल दिन के उजाले में चलने वाले दफ्तरों और बाजारों तक सीमित नहीं रहेगी। दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी-2047) के तहत शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ''24-अवर सिटी'' बनाने का बड़ा खाका खींचा गया है।

इस नई नीति का उद्देश्य दिल्ली में 24 घंटे चलने वाली अर्थव्यवस्थाको बढ़ावा देना व एक ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां पर देर रात तक व्यापार, मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ बिना किसी रुकावट के संचालित हो सकें।

एरोसिटी माडल और 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज

मास्टर प्लान के तहत चुनिंदा कमर्शियल कारिडोर को एरोसिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां पांच सितारा होटल, सर्विस अपार्टमेंट्स, विश्वस्तरीय रेस्तरां और देर रात तक खुलने वाले क्लब एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे।

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होटलों और सर्विस अपार्टमेंट के लिए जमीनी निर्माण सीमा को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को एक ही जगह पर अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

खेल परिसरों में मिलेंगे पांच सितारा क्लब और कैफे

खेल संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली को एक साथ जोड़ने के लिए स्टेडियमों और स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के नियमों में ढील दी गई है। अब खेल परिसरों के 25 प्रतिशत हिस्से का व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा।

इसमें सदस्यों और आम लोगों के लिए आलीशान क्लब, फाइन-डाइनिंग रेस्तरां और कैफे खोले जा सकेंगे। इससे स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स केवल खेलकूद तक सीमित न रहकर मनोरंजन के भी प्रमुख केंद्र बनेंगे।

होटल से लेकर स्ट्रीट वेंडरों तक का ‘नाइटलाइफ सर्किट’

नाइट-टाइम इकोनामी को केवल बड़े होटलों तक सीमित न रखकर एक पूरा ''नाइटलाइफ सर्किट'' तैयार किया जा रहा है। इसमें स्थानीय कलाकारों, स्ट्रीट वेंडरों, हस्तशिल्प और लोकल फूड को भी जगह मिलेगी।

इसके अलावा, दिल्ली के ऐतिहासिक और पुराने बाजारों को सांस्कृतिक प्रिसिंक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे विरासत और आधुनिक नाइटलाइफ का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट, फूड डिलीवरी और सुरक्षा क्षेत्र में देर रात की शिफ्ट वाली नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।

मास्टर प्लान 2047 : रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था की मुख्य बातें

-24x7 एक्टिविटी जोन : नियोजित कमर्शियल क्षेत्रों में 24 घंटे दुकान, रेस्टोरेंट और मनोरंजन केंद्र चलाने की अनुमति।

-पांच सितारा स्पोर्ट्स ढांचा : खेल परिसरों के 25 प्रतिशत हिस्से पर लक्जरी क्लब और फाइन-डाइनिंग कैफे बनाने की छूट।

-होटल कवरेज में बढ़ोतरी : इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए होटलों की ग्राउंड कवरेज सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिशत की गई।

-नाइटलाइफ सर्किट : होटल, पब, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय कलाकार और स्ट्रीट वेंडरों को एक नेटवर्क से जोड़ने की योजना।

-मजबूत ट्रांसपोर्ट व सुरक्षा : जगमगाती सड़कें, सीसीटीवी निगरानी और आनंद विहार, कश्मीरी गेट व सराय काले खां जैसे मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट हब्स से नाइट-आवाजाही होगी आसान।

लंदन और न्यूयार्क जैसे वैश्विक शहरों से ली प्रेरणा

लंदन और न्यूयार्क जैसे वैश्विक शहरों की तर्ज पर ढली यह नई व्यवस्था न केवल दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और नाइट-ट्रांसपोर्ट को मजबूत कर दिल्ली वासियों को उनके अपने शहर में एक सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव भी प्रदान करेगी।

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