MCD में भ्रष्टाचार ने ली ASI की जान: रिश्वत मांगने वाले 2 अधिकारी निलंबित, आत्महत्या से पहले का बड़ा सबूत आया सामने
नगर निगम में रिश्वतखोरी से परेशान एक एएसआई ने आत्महत्या कर ली थी। अब मृतक के ऑडियो के आधार पर दो अधिकारियों को निलंबित कर उनकी विजिलेंस जांच शुरू की ग ...और पढ़ें

मृतक के ऑडियो के आधार पर दो अधिकारी निलंबित। एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। नगर निगम में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अपने ही साथियों के रिश्वत मांगने से परेशान एएसआइ ने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या के बाद सामने आए मृतक के ऑडियो के आधार पर शाहदरा उत्तरी जोन उपायुक्त ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सैनिटरी सुपरवाइजर और सैनिटरी इंस्पेक्टर पर निलंबन की गाज गिरी है। साथ ही उनकी विजिलेंस जांच भी की जाएगी।
शाहदरा उत्तरी जोन में 31 मार्च को चार लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप है सीबीआइ ने उपायुक्त अभिषेक मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी दिव्यांशु गौतम को गिरफ्तार किया था। इसके एक माह बाद 29 अप्रैल को सुंदर नगरी वार्ड में तैनात सहायक सैनिटरी इंस्पेक्टर राजकुमार सोलंकी ने निगम के जोनल कार्यालय की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
वह लगभग तीन माह से निलंबित चल रहा था। उसका निलंबन भी तत्कालीन उपायुक्त अभिषेक मिश्रा ने ही किया था। राजकुमार की मौत के एक दिन बाद एक आडियो सामने आया जिसमें उसने सैनिटरी सुपरवाजर हरेंद्र और सैनिटरी इंस्पेक्टर सीसा कुमार पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
इसके साथ ही ब्रह्मप्रकाश का नाम भी सामने आया था। स्वजन ने इनपर कार्रवाई की मांग की थी। आडियो की जांच करते हुए दोनों के नाम की पुष्टि होने पर उपायुक्त ममता यादव ने उन्हें निलंबित कर दिया। ममता यादव ने कहा कि आडियो में दोनों के नाम स्पष्ट सामने आए हैं। ऐसे में उनपर कार्रवाई करते हुए जांच विजिलेंस को सौंप दी गई है। जब तक जांच रिपोर्ट में उन्हें क्लीनचिट नहीं मिल जाती दोनों निलंबित रहेंगे।
आए दिन लग रहे भ्रष्टाचार के दाग
निगम के अधिकारियों पर आए दिन भ्रष्टाचार के दाग लग रहे हैं। बीते दो माह में ही शाहदरा उत्तरी और दक्षिणी जोन से कई अधिकारियों को सीबीआइ रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध इमारतों का बनना जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिश्वत लेकर गलत तरीके से इमारतें बनाई जा रही हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।