दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वालीं 1280 व्यावसायिक इकाइयों पर निगम ने जड़ा ताला, दो महीने तक चला विशेष अभियान
दिल्ली नगर निगम ने वायु और जल प्रदूषण कम करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इस दौरान 1 दिसंबर 2025 से 5 फरवरी 2026 के बीच 1280 व्यावसायिक इकाइयों क ...और पढ़ें
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दिल्ली में प्रदूषण फैला रहे 1280 व्यावसायिक इकाइयों पर लगा ताला।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। राजधानी में वायु व जल प्रदूषण को कम करने की कवायद में जुटी सरकार को निगम का भी साथ मिला है। पिछले दो महीने में दिल्ली नगर निगम ने विशेष अभियान चलाकर वायु और जल प्रदूषण के कारक बन रहे 1280 व्यावसायिक इकाइयों पर ताला जड़ दिया है। इसमें 242 इकाइयों पर जल प्रदूषण फैलाने के कारण कार्रवाई की गई।
वहीं वायु प्रदूषण फैला रहीं 1038 इकाइयों को भी बंद कराया गया। इनमें कुछ औद्योगिक इकाइयां भी हैं जो अनाधिकृत इलाकों में चल रही थीं। निगम के इतिहास में इसे सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
निगम अधिकारियों के मुताबिक एक दिसंबर 2025 से पांच फरवरी 2026 के बीच सभी 12 जाेन के 250 वार्डों में यह अभियान चलाया गया। इसमें 8,449 व्यावसायिक इकाइयों का सर्वे किया गया। इनमें रेस्तरां, ढाबे, निर्माण सामग्री की दुकानें, जींस रंगाई की फैक्ट्रियां, वेल्डिंग और बेकरी की दुकानें भी शामिल थीं।
सभी वार्डों में लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर की देखरेख में यह अभियान चलाया गया। जिन इकाइयों के पास लाइसेंस था, उन्हें कार्रवाई की जद से दूर रखा गया। अवैध रूप से संचालित हो रहीं और प्रदूषण फैला रहीं इकाइयों को या तो खाली कराया गया या उन्हें सील कर दिया गया। सभी जोन की तरफ से हाल ही में निगम मुख्यालय को कार्रवाई का विवरण भेजा गया है।
दिल्ली सरकार के निर्देश पर कार्रवाई
निगम अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में दिल्ली सरकार ने अवैध रूप से चल रहीं और प्रदूषण फैला रहीं औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयों को बिना नोटिस बंद करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की देखरेख में जिला प्रशासन औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कर रहा है और उन पर कार्रवाई भी की जा रही है।
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वहीं नगर निगम व्यावसायिक और अनाधिकृत क्षेत्रों में चल रहीं फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर रहा है। इससे पहले निगम ऐसी इकाइयों पर चालान करता था। लेकिन इस अभियान में इन्हें बंद कराया गया। सबसे अधिक रोहिणी और मध्य जोन में ऐसी इकाइयाें पर कार्रवाई की गई है।
| जोन | वॉर्डों की संख्या | सर्वे में शामिल फैक्ट्रियां | भूजल प्रदूषण पर कार्रवाई | वायु प्रदूषण पर कार्रवाई |
|---|---|---|---|---|
| नरेला | 16 | 1090 | 6 | 61 |
| शाहदरा (उत्तरी) | 35 | 1368 | 43 | 127 |
| पश्चिमी | 25 | 1493 | 78 | 50 |
| शाहदरा (दक्षिणी) | 26 | 284 | 30 | 92 |
| सिटी एसपी | 12 | 230 | 0 | 64 |
| रोहिणी | 23 | 355 | 6 | 193 |
| मध्य | 25 | 896 | 35 | 184 |
| दक्षिणी | 23 | 52 | 4 | 84 |
| केशवपुरम | 15 | 370 | 20 | 124 |
| सिविल लाइन | 15 | 1214 | 5 | 31 |
| करोल बाग | 13 | 825 | 15 | 55 |
| नजफगढ़ | 22 | 272 | 0 | 9 |
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