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    अक्टूबर से पहले आ जाएगी सफाई की मशीनें, हवा स्वच्छ रखने में मिलेगी मदद; MCD का एक्शन प्लान जारी

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 06:20 AM (GMT+05:30)

    एमसीडी दिल्ली में सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण के लिए 2026-27 के एक्शन प्लान पर काम कर रहा है। सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अगस्त-सितं ...और पढ़ें

    एमसीडी ने वर्ष 2026-27 के अपने एक्शन प्लान पर कार्य करना शुरू कर दिया।

    एमसीडी ने वर्ष 2026-27 के अपने एक्शन प्लान पर कार्य करना शुरू कर दिया।

    HighLights

    1. MCD 2026-27 तक सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण का लक्ष्य।

    2. अगस्त-सितंबर 2026 तक मैकेनिकल स्वीपर और लिटर पिकर मशीनें तैनात होंगी।

    3. दिल्ली सरकार की वित्तीय सहायता से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

    निहाल सिंह, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सड़कों की सफाई और सड़कों को धूंल मुक्त करने के लिए एमसीडी ने वर्ष 2026-27 के अपने एक्शन प्लान पर कार्य करना शुरू कर दिया है। निगम ने सर्दियों में होने वाले वायु प्रदूषण के मद्देनजर अगस्त-सितंबर तक सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपर और लिटर पिकर (गंदगी साफ करने वाली मशीनें) मशीनों की अगस्त और सितंबर 2026 का लक्ष्य रखा है।

    निगम का उद्देश्य है कि अक्टूबर से जो वायु गुणवत्ता स्तर खराब होना शुरू होता है वह न हो इसके लिए यह मशीनें उससे पहले ही सड़क पर उतार दी जाएगी। निगम ने इसके लिए पिछले सप्ताह ही एक्शन प्लान दिल्ली सरकार को एक उच्च स्तरीय बैठक में जमा किया है।

    एमसीडी के अनुसार दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने 250 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और 1000 लिटर पिकर मशीनों के लिए वित्तीय सहायता करने का आश्वासन पत्रों के माध्यम से दिया था। जिसके तहत हम चाहते हैं कि समय से यह मशीनों को समय रहते ले आए ताकि इसका लाभ 2026-27 में उठाया जा सके। निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निगम 3107 करोड़ रुपये मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन खरीदनी है। एक हजार लिटर पिकर मशीन 1450 करोड़ रुपये से की जानी चाहिए।

    मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों के लिए हम फरवरी के मध्य तक रिक्वेस्ट फार प्रोपोजल (आरएफपी) आमंत्रित कर लेंगे। जबकि 14 मई तक हम कार्यादेश जारी कर देंगे। जबकि हमारा लक्ष्य है कि 30 सितंबर तक इन मशीनों को सड़क पर उतार देंगे। इसी प्रकार लिटर पिकर मशीन का आरएफपी 15 फरवरी तक जारी कर देंगे। 14 मई तक कार्यादेश जारी करने का लक्ष्य रखा गया है जबकि 15 अगस्त तक लिटर पिकर मशीनों को सड़क पर उतार दिया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि फिलहाल निगम के पास 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें हैं। जो कि प्रतिदिन 60 फिट तक चौड़ी सड़कों की सफाई करती हैं। निगम के पास नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन आने के बाद 300 की संख्या हो जाएगी। जबकि उससे पूर्व 18 और मशीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में 320 के करीब मशीनें हो जाएगी।

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    अभी निगम के साथ समस्या है कि एक दिन छोड़कर निगम मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई करता है। जबकि 320 संख्या हो जाएगी तो प्रतिदिन हर सड़क की सफाई इन मशीनों से हो सकेगी। वही, लिटर पिकर मशीनों का उपयोग बाजारों में सफाई के लिए होगा। ताकि वहां झाडू लगाने से धूल न उड़े।

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