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    हाई-टेक हुई दिल्ली मेट्रो: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सुधरेगी सर्विस और मेंटेनेंस, शिकायतों का तुरंत समाधान

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 09:06 PM (IST)

    दिल्ली मेट्रो एआई-आधारित तकनीक का उपयोग करके परिचालन, यात्री सेवाओं और रखरखाव में सुधार कर रही है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। 'पूछ ...और पढ़ें

    दिल्ली मेट्रो में हो रहा एआई तकनीक का इस्तेमाल।

    दिल्ली मेट्रो में हो रहा एआई तकनीक का इस्तेमाल।

    HighLights

    1. AI-आधारित 'पूछो चेतना' चैटबॉट यात्रियों को जानकारी देता है।

    2. एआई तकनीक से मेट्रो के रखरखाव और सुरक्षा में सुधार हुआ है।

    3. स्वचालित शिकायत निवारण प्रणाली से पारदर्शिता और निपटान समय कम हुआ।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एआई आधारित प्रौद्योगिकी के उपयोग से न सिर्फ मेट्रो के यात्रियों को आवश्यक जानकारी लेने में आसानी हो रही है बल्कि इसके परिचालन में भी सुधार आ रहा है। ओवर हेड इलेक्ट्रिक उपकरणों सहित अन्य उपकरणों की जांच कर किसी भी तरह की खराबी को ठीक करने में मदद मिल रही है। इससे मेट्रो के परिचालन को विश्वस्तरीय बनाने में मदद मिल रही है। समयबद्धता और स्वचालित मेट्रो ट्रेन संचालन में दिल्ली मेट्रो को विश्व की अन्य मेट्रो से आगे है।

    यात्री सेवा, सुरक्षा, परिचालन व्यवस्था में सुधार और यात्रियों की शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) एआइ आधारित तकनीक का उपयोग कर रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही है। डीएमआरसी का एआई संचालित वर्चुअल असिस्टेंट पूछो चेतना नामक चैटबॉट ग्राहकों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

    यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी

    उपयोगकर्ता इसके वेबसाइट या एप पर मैसेज टाइप कर या बोलकर मेट्रो रूट, स्टेशन, किराया, संभावित यात्रा समय सहित अन्य उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होती है। हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही अन्य भाषाओं में यह सुविधा मिलती है।

    आम बोलचाल की भाषा में इससे जानकारी ली जा सकती है। एआई के माध्यम से शिकायत निवारण व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। लिखित शिकायतों का स्वचालित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे औसत निपटान समय काफी कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है।

    खबरें और भी

    एआई आधारित प्रौद्योगिकी मेट्रो नेटवर्क के रखरखाव व निगरानी को भी आसान व विश्वसनीय बना रहा है। रेड, यलो तथा ब्लू लाइन पर पैंटोग्राफ कोलिजन डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो सेंसर और एक्सेलरोमीटर से ओवरहेड तारों की स्थिति तथा संभावित खराबी का पता लगाता है।

    मॉनिटरिंग सिस्टम से ट्रेनों की विश्वसनीयता बढ़ी

    पिंक लाइन पर स्वचालित व्हील प्रोफाइल मॉनिटरिंग तथा एक्सल बेयरिंग तापमान मॉनिटरिंग सिस्टम से ट्रेनों की विश्वसनीयता बढ़ी है। ग्रीन और वायलेट लाइन पर पूर्वानुमानित रखरखाव प्रणाली लागू की गई है, जिससे ट्रेन के देरी होने की कमी आने के साथ ही अचानक मरम्मत की आवश्यकता घटी है।

    एआई आधारित वीडियो विश्लेषण से प्लेटफार्म और ट्रेन में भीड़ के बारे में जानकारी जुटाकर स्टेशन नियंत्रकों को सचेत किया जाता है। व्यस्त स्टेशनों पर लावारिस वस्तुओं की पहचान करने के लिए एआइ का उपयोग किया जा रहा है। इससे सुरक्षाकर्मियों को संभावित खतरे के बारे में सतर्क करता है।

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