89 KM के सफर में 65 स्टेशन और 21 इंटरचेंज, मजेंटा लाइन बनेगी दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा कॉरिडोर
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 का इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर अब मजेंटा लाइन का हिस्सा होगा। इससे मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक लगभग 89 किलोमीटर ...और पढ़ें
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मजेंटा लाइन, दिल्ली मेट्रो। जागरण

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के अंतर्गत बन रहा इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर ग्रीन लाइन की जगह मजेंटा लाइन का हिस्सा होगा। इसके चालू होने के बाद मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक होगा। इससे इसकी कुल लंबाई 39.271 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी
इससे यह दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर हो जाएगा। अभी सबसे लंबा कॉरिडोर पिंक लाइन है। इसकी लंबाई अभी 59.242 किलोमीटर है और विस्तार के बाद लगभग 71.5 किलोमीटर हो जाएगी। सबसे लंबा कॉरिडोर होने के साथ ही तकनीकी रूप से भी इसका विशेष महत्व है।
11.9 किलोमीटर लंबा इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को पहले ग्रीन लाइन का (कीर्ति नगर/इंद्रलोक से ब्रिगेडियर होशियार सिंह) का विस्तार में शामिल किया गया था।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने इसे बदलकर मजेंटा लाइन (नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) के विस्तार में शामिल किया है। पहले मजेंटा लाइन का जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम तक विस्तार किया जाना था। हाल ही में केंद्र सरकार ने फेज पांच (ए) के अंतर्गत सेंट्रल विस्टा को जोड़ने के लिए आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक कॉरिडोर की अनुमति दी है।
इस कारण इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को अब मजेंटा लाइन में शामिल किया गया है। इंद्रलोक मजेंटा लाइन का टर्मिनल स्टेशन होगा। यहां यात्रियों को ग्रीन लाइन और रेड लाइन का इंटरचेंज मिलेगा।
इस कॉरिडोर पर पड़ने वाले इंटरचेंज स्टेशन
परियोजना के पूर्ण होने पर बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे। इनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे। यह सर्वाधिक भूमिगत स्टेशनों व इंटरचेंज स्टेशनों के साथ दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर होगा। इस लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
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वर्तमान में इस पर कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास चार इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज चार और फेज पांच (ए) का काम पूरा होने पर 17 और इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे।
इनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं। इनमें से केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक (कारपोरेट संचार) अनुज दयाल का कहना है कि मजेंटा लाइन की व्यापक इंटरचेंज सुविधाओं से यात्रा की दूरी और समय में कमी आएगी। प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात दबाव कम होगा और एनसीआर में निर्बाध, सुरक्षित एवं कुशल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक मजेंटा लाइन स्वचालित है। चौथे चरण व पांच (ए) के विस्तार के बाद बॉटेनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक पूरा कॉरिडोर भी स्वचालित होगा।
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इसी लाइन पर है सबसे ऊंचा और सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन
यह लाइन दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों के लिए भी जानी जाती है। इस कॉरिडोर पर स्थित हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन सबसे ऊंचा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन है। इसकी ऊंचाई लगभग 28.362 मीटर है। मजेंटा लाइन पर ही स्थित हौज खास स्टेशन सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन (लगभग 29 मीटर) है।