सीजेपी विरोध प्रदर्शन: दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद, यात्री परेशान
सीजेपी के हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद रहे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। मेट्रो बंदी और इंटरने ...और पढ़ें
-1784853562150_m.webp)
बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली मेट्रो के 17 प्रमुख स्टेशन बंद रहे।
HighLights
सीजेपी विरोध से दिल्ली मेट्रो के 17 स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद।
यात्रियों को महंगे विकल्प, इंटरनेट बंदी से भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सड़कों पर भीषण जाम, यात्रा लागत में वृद्धि से लोग परेशान।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सीजेपी के हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली मेट्रो के 17 प्रमुख स्टेशन बंद रहे। हालांकि, 13.5 घंटे बाद उसमें से तीन स्टेशन मंडी हाउस, राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय को खोल दिया गया, लेकिन सुबह से व्यस्त स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं ठप रहने से नौकरीपेशा, छात्रों और आम यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
दूसरे दिन भी लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आइटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग व शिवाजी स्टेडियम सुबह से रात्रि तक बंद रहे।
यात्रियों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया
मेट्रो बंदी के साथ लुटियंस दिल्ली के आसपास इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियों ने यात्रियों की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। क्योंकि, आगे आटो व कैब समेत परिवहन की अन्य सेवाओं की बुकिंग में परेशानी आ रही है। मेट्रो सेवा ठप होने से लाखों यात्री खासे परेशान हुए। इसके चलते कई ने जरूरी यात्रा टाल दी तो कई लोग घंटों देनी से कामकाज और जरूरी कामों पर पहुंचे। एक्स समेत अन्य सोशल मीडिया मंचों पर शिकायतों की बाढ़ रही।
दैनिक यात्रियों का कहना है कि स्टेशनों के अचानक बंद होने से उन्हें महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। मयूर विहार से संसद मार्च तक आवाजाही करने वाली शालिनी राय ने बताया कि मेट्रो से उनका रोजाना का खर्च 100 रुपये से भी कम आता था, लेकिन अब कैब या आटो के लिए उन्हें 250 से 500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
खबरें और भी
इंटरनेट बंद होने के कारण यूपीआइ भुगतान न चलने से आटो चालक खुले पैसे न होने का बहाना बनाकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। वहीं, प्रीत विहार निवासी मानस का 32 का मेट्रो सफर अब 220 रुपये की एकतरफा कैब सवारी में बदल गया है।
स्टेशन बंद होने से लोग बसों और निजी वाहनों का रुख कर रहे
स्टेशन बंद होने से लोग बसों और निजी वाहनों का रुख कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर भीषण जाम लग रहा है। स्कूल शिक्षक राजेश सिंह और अमित कुमार जैसे यात्रियों का कहना है कि दफ्तर समय पर पहुंचने के लिए उन्हें सुबह आठ बजे के बजाय 6:30 बजे ही घर से निकलना पड़ रहा है, फिर भी लोग रात 10 बजे तक घर पहुंच पा रहे हैं।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा निजामुद्दीन और मध्य दिल्ली के इलाकों में आटो-रिक्शा रोककर छात्रों की जांच की जा रही है। आनलाइन कैब बुकिंग न होने से यात्री सड़क पर महंगे दामों में आटो तय करने को मजबूर हैं।