नोएडा-गुरुग्राम से बेहतर दिल्ली... अकुशल मजदूरी में भारी उछाल, वास्तविक आय बढ़ी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली की न्यूनतम मजदूरी में पिछले एक दशक में लगभग 90% की वृद्धि हुई है, जो महंगाई दर (43.7%) से दोगुनी है। इससे श्रमिको ...और पढ़ें

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली की न्यूनतम मजदूरी में पिछले एक दशक में लगभग 90% की वृद्धि हुई है। इमेज एआई
HighLights
दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी में 90% की भारी वृद्धि दर्ज।
महंगाई दर (43.7%) से दोगुनी रही वेतन वृद्धि की दर।
एनसीआर में दिल्ली की स्थिति पड़ोसी राज्यों से बेहतर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में न्यूनतम मजदूरी को लेकर आए ताजा आंकड़ों ने दिल्ली की स्थिति को पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी मजबूत दिखाया है। दिल्ली में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में पिछले एक दशक में करीब 90 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी और महंगाई का समीकरण कुछ इस प्रकार है...
- मजदूरी में वृद्धि : अक्टूबर 2016 में दिल्ली में न्यूनतम मजदूरी 9,724 रुपये थी, जो फरवरी 2026 तक बढ़कर 18,456 रुपये हो गई है। यह कुल 89.8 प्रतिशत की वृद्धि है।
- महंगाई का असर : इसी अवधि (2016 से 2026) के दौरान दिल्ली में औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी महंगाई में 43.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- सकारात्मक अंतर : दिल्ली में मजदूरी बढ़ने की दर (89.8 प्रतिशत), महंगाई दर (43.7 प्रतिशत) से लगभग दोगुनी है। इसका मतलब है कि दिल्ली के श्रमिकों की क्रय शक्ति में वास्तविक सुधार हुआ है।
पड़ोसी राज्यों (नोएडा और गुरुग्राम) से तुलना
दिल्ली की स्थिति हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुकाबले काफी बेहतर नजर आती है:-
- क्षेत्र मजदूरी में वृद्धि (प्रतिशत) महंगाई में वृद्धि (प्रतिशत) स्थिति
- दिल्ली 89.8 प्रतिशत 43.7 प्रतिशत महंगाई से ज्यादा वेतन
- हरियाणा (गुरुग्राम) 88.6 प्रतिशत 52.7 प्रतिशत वेतन वृद्धि महंगाई से अधिक
- उत्तर प्रदेश (नोएडा) 42.6 प्रतिशत 51.3 प्रतिशत वेतन वृद्धि महंगाई से कम
जानकारों के मुताबिक जहां नोएडा और गाजियाबाद जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में न्यूनतम मजदूरी में हुई वृद्धि महंगाई के हिसाब से कम रही है वहीं दिल्ली इस मामले में सबसे आगे है। दिल्ली में न केवल पूरे एनसीआर क्षेत्र में सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी 18,456 रुपये दी जा रही है, बल्कि यहां महंगाई की दर भी सैटेलाइट शहरों (जैसे गुरुग्राम व नोएडा) की तुलना में कम रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन में इस स्तर की वृद्धि से दिल्ली में रहने वाले अकुशल श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है और वे महंगाई का दबाव बेहतर ढंग से झेलने में सक्षम रहे हैं।
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