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    नर्सरी दाखिला 2026-27: प्वाइंट सिस्टम ने नए अभिभावकों के लिए किए 'दरवाजे बंद', दूरी, सिबलिंग और एल्युमिनाई में उलझे

    Updated: Fri, 23 Jan 2026 07:14 PM (IST)

    राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की पहली सूची ने अभिभावकों में असंतोष पैदा किया है। प्वाइंट सिस्टम, जिसमें घर की दूरी, सिबलिंग और एल्युमिनाई ...और पढ़ें

    घर के पास स्कूल होने के बाद भी कई नेबहुड श्रेणी में अंक न मिलने के बाद अभिभावक दाखिला न मिलने से मायूस हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर

    घर के पास स्कूल होने के बाद भी कई नेबहुड श्रेणी में अंक न मिलने के बाद अभिभावक दाखिला न मिलने से मायूस हैं। प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. पहली सूची जारी, अभिभावकों में असंतोष बढ़ा।

    2. प्वाइंट सिस्टम से दूरी, सिबलिंग, एल्युमिनाई को प्राथमिकता।

    3. नए अभिभावकों के लिए दाखिला प्रक्रिया हुई जटिल।

    रीतिका मिश्रा, जागरण। राजधानी के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले की पहली सूची भले ही जारी हो गई हो, लेकिन इस सूची ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या दाखिला वास्तव में बच्चों की जरूरत के हिसाब से हो रहा है या सिर्फ प्वाइंट सिस्टम की गणना भर बनकर रह गया है। दरअसल, घर के पास स्कूल होने के बाद भी कई नेबहुड श्रेणी में अंक न मिलने के बाद अभिभावक दाखिला न मिलने से मायूस हैं। वहीं, जिन बच्चों का पहली ही सूची में नाम आ गया है वह अपने आपको भाग्यवान ही मान रहे हैं।

    अभिभावकों में असंतुष्टि

    नर्सरी दखिला में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 1700 से अधिक निजी स्कूलों में प्रक्रिया शुरू होते ही हजारों अभिभावक खुद को अंकों की दौड़ में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं। सूची देखने के बाद कई अभिभावकों को यह एहसास हो रहा कि उनके बच्चे का भविष्य उसकी योग्यता या उम्र से नहीं, बल्कि घर की दूरी, सिबलिंग और एल्युमिनाई जैसे मानदंडों पर तय हो रहा है।

    जिन परिवारों का स्कूल से कोई पुराना रिश्ता नहीं रहा या जो स्कूल से कुछ किलोमीटर दूर रहते हैं, उनके लिए पहली सूची में जगह बनाना लगभग असंभव साबित हुआ है। 1700 निजी स्कूलों में जारी यह प्रक्रिया 19 मार्च 2026 को खत्म होगी, लेकिन ये वाकई चिंता का विषय है कि क्या नर्सरी दाखिला वाकई समान अवसर दे पा रहा है या नहीं।

    समान अवसर पर उठे सवाल

    पहली सूची में नाम न आने वाले अभिभावकों का कहना है कि प्वाइंट सिस्टम ने नए अभिभावकों के लिए दरवाजे लगभग बंद कर दिए हैं। जिन बच्चों के भाई-बहन पहले से स्कूल में पढ़ रहे हैं या जिनके माता-पिता उसी स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं, उन्हें पहले से बढ़त मिल जाती है। ऐसे में पहली बार स्कूल व्यवस्था में कदम रखने वाले परिवार खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस कर रहे हैं।

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    प्रतीक्षा सूची- उम्मीद या औपचारिकता?

    स्कूलों ने पहली सूची के साथ दो-दो प्रतीक्षा सूची भी जारी की है, लेकिन कई अभिभावक इसे सिर्फ औपचारिकता मान रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतीक्षा सूची में नाम आना भी तभी फायदेमंद है, जब पहली सूची में चयनित अभिभावक सीट छोड़ें, जो कि ऊंची प्रतिस्पर्धा के चलते कम ही होता है।

    फीस और दस्तावेज से तय हो रही दाखिले की रफ्तार

    सूची जारी होते ही कई स्कूलों ने दस्तावेज की जांच और फीस जमा करने की प्रक्रिया तेज कर दी। इससे अभिभावकों पर जल्द फैसला लेने का दबाव बन गया है। कई स्कूलों में पहले ही दिन फीस लेकर सीटें पक्की कर दी गईं, जबकि अभिभावक अभी यह तय नहीं कर पाए थे कि वे उसी स्कूल में बच्चे को पढ़ाना चाहते भी हैं या नहीं।

    घर के पास स्कूल लेकिन अंक कम

    कई मामलों में अभिभावकों ने बताया कि स्कूल उनके घर से अपेक्षाकृत नजदीक है, फिर भी नेबरहुड कैटेगरी में उन्हें अपेक्षित अंक नहीं मिले। दूरी मापने के तरीके को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिस पर 24 जनवरी से तीन फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा तय की गई है।

    इन दस्तावेज को लेकर पहुंचे स्कूल

    • जन्म प्रमाण पत्र
    • निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, बिजली बिल, फोन बिल या पानी बिल)। कुछ स्कूलों में निवास प्रमाण पत्र के तौर पर रेंट एग्रीमेंट की काॅपी मान्य नहीं होगी।
    • बच्चे की दो फोटो, माता-पिता की एक-एक फोटो
    • अगर किसी विशेष छूट की श्रेणी में आते हो तो उसका संबंधित प्रमाण पत्र
    • दाखिले में सिबलिंग, एल्युमिनाई, अभिभावकों की उपलब्धि के अंक मिले हैं तो उससे संबंधित दस्तावेज
    • बच्चे का मेडिकल सर्टिफिकेट
    • अभिभावकों का आधार कार्ड

    जरूरी तारीखें

    • 23 जनवरी : नर्सरी, केजी और पहली कक्षा के दाखिले के लिए चयनित बच्चों की पहली सूची जारी। इसके साथ ही प्रतीक्षा सूची में शामिल बच्चों की सूची भी जारी की गई।
    • 24 जनवरी से 3 फरवरी : बच्चों को स्कूल द्वारा दिए गए अंक को लेकर अभिभावक ई-मेल, पत्र लिखकर या मौखिक तौर पर स्कूलों से बात कर सकते हैं।
    • 9 फरवरी : नर्सरी, केजी और पहली कक्षा के दाखिले के लिए चयनित बच्चों की दूसरी सूची जारी की जाएगी। इसके साथ ही वेटिंग लिस्ट वाले बच्चों के नाम भी होंगे।
    • 10 से 16 फरवरी :  बच्चों को स्कूल द्वारा दिए गए प्वाइंट को लेकर अभिभावक ई-मेल, पत्र लिखकर या मौखिक तौर पर स्कूलों से बात कर सकते हैं।
    • 5 मार्च : बची हुई सीटों के लिए चयनित बच्चों की दाखिले के लिए कोई सूची अगर रह गई हो तो स्कूल उसे जारी करेंगे।
    • 19 मार्च : नर्सरी दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

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