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    दिल्ली में साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश, म्यूल अकाउंट से ठगी; 14 आरोपी गिरफ्तार

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 04:52 AM (IST)

    दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली साइबर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो साइबर ठगों को फर्जी निवेश और ऑनलाइन नौकरी के बहाने म्यूल अकाउंट उपलब्ध करा ...और पढ़ें

    पुलिस ने कुल 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया। सांकेतिक तस्वीर

    पुलिस ने कुल 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. साइबर पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    2. गिरोह म्यूल अकाउंट और गेमिंग ऐप का उपयोग करता था।

    3. फर्जी निवेश और ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी।

    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी पश्चिमी जिले की साइबर थाने की टीम ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी इंवेस्टमेंट स्कीम और आनलाइन जाब के बहाने साइबर ठगी करने वालों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध करता था।

    टीम ने कुल 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर फ्राड सिंडिकेट अलग-अलग बैंक ब्रांच में खोले गए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करके नकली इन्वेस्टमेंट स्कीम, पार्ट-टाइम जाब फ्राड और दूसरी डिजिटल आपरेशन्स जैसे आनलाइन स्कैम के जरिए लोगों को ठग रहा था।

    ठगी की इस रकम का सोर्स छिपाने के लिए गेमिंग एप के अकाउंट से पैसों का लेन-देन हो रहा था।

    म्यूल अकाउंट्स का कर रहे थे इस्तेमाल

    दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक नियमित जांच के दौरान, कई म्यूल अकाउंट्स की पहचान की गई जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को चैनलाइज करने और निकालने के लिए किया जा रहा था।

    एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इन्वेस्टिगेशन व कई जगहों पर रेड के बाद एक म्यूल अकाउंट होल्डर मोहम्मद फैज को टीम ने पकड़ा।

    पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपना बैंक अकाउंट अपने रिलेटिव मोहम्मद फहद को दिया था, जिसे बाद में शाहीन बाग इलाके से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के और खुलासों से एक अन्य आरोपित सुवेब रब्बानी की पहचान हुई।

    नोएडा में छापेमारी कर टीम ने सुवेब रब्बानी के साथ सतेंद्र राठौर, शनि पाल, प्रीतम कुमार को भी गिरफ्तार किया, जो बैंक अकाउंट सप्लाई करने के लिए इकट्ठा हुए थे।

    उनकी निशानदेही पर फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद समेत कई जगहों पर रेड की गई, जिससे अभिषेक मिश्रा नाम के आरोपित को पकड़ा गया। उससे पूछताछ में अभिषेक सिंह का नाम सामने आया।

    लक्ष्मी नगर में मिला ऑफिस

    जांच के दौरान लक्ष्मी नगर इलाके में सिंडिकेट का एक बड़ा आफिस मिला, जहां नीरज वर्मा, विवेक मेहुल, मुकुल मलिक, ज्ञानेश शर्मा, वजामितेन और अभिषेक सिंह एक आनलाइन बेटिंग एप्लीकेशन के नाम पर गेमिंग-बेस्ड काल सेंटर चलाते हुए पाए गए।

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    टीम ने उनके पास से तीन लैपटाप, 19 मोबाइल फ़ोन, 17 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, नौ सिम कार्ड और 79,000 रुपये नकद बरामद किए।

    पुलिस के मुताबिक ठगे गए पैसे को गेमिंग अकाउंट के जरिए निकाला और ट्रांसफर किया गया ताकि फंड का सोर्स छिपाया जा सके और धोखाधड़ी की कार्रवाई को आसानी से निपटाया जा सके।

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