हर्षद मेहता स्कैम में नाम आने का डर दिखाया, दो दिन डिजिटल अरेस्ट कर लाखों उड़ाए; रांची में हर बार ठगी का नया तरीका
रांची में साइबर अपराधियों ने तीन लोगों को निशाना बनाया। एक 73 वर्षीय बुजुर्ग को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर हर्षद मेहता केस से नाम जोड़ने का झांसा दि ...और पढ़ें

रांची में डिजिटल अरेस्ट और मोबाइल धोखाधड़ी से तीन को बनाया निशाना।
HighLights
बुजुर्ग से 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 5.20 लाख ठगे।
मोबाइल खोने पर ओम प्रकाश के खाते से 2.04 लाख की धोखाधड़ी।
नंबर पोर्ट कर पीटर लेप्चा के खाते से 1.14 लाख निकाले।
जागरण संवाददाता, रांची। शहर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक बुजुर्ग से 5 लाख 20 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। इस संबंध में पीड़ित कंचन सरकार (उम्र 73 वर्ष) ने साइबर थाना में केस किया है।
पीड़ित ने बताया कि 30 मार्च को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई के किसी क्राइम डिपार्टमेंट का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका नाम हर्षद मेहता केस से जुड़ा हुआ है।
आरोपित ने दावा किया कि उनके नाम पर चार बैंक खाते खुले हैं, जिनका उपयोग मनी लान्ड्रिंग में हो रहा है और हर खाते में उन्हें 90 हजार रुपये कमीशन मिला है।
साथ ही हवाला के जरिए 2 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ भी मिला है। इसके बाद एक अन्य नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को सीबीआई शाखा, दिल्ली का अधिकारी बताया गया।
ठगों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि इस मामले में बड़े नेता, बैंक अधिकारी और स्थानीय पुलिस भी शामिल हैं, इसलिए किसी को कुछ न बताएं।
साथ ही यह भी कहा गया कि अगर उन्होंने बात साझा की तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। ठगों ने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कहकर घर का दरवाजा बंद रखने और किसी से संपर्क न करने का निर्देश दिया।
दो दिनों तक ठग लगातार संपर्क में रहे और पीड़ित से उनके बैंक खाते, फिक्स्ड डिपाजिट, शेयर मार्केट निवेश और सोने के बारे में सभी जानकारी लेते रहे।
पीड़ित ने बताया कि उनके खाते में 5 लाख 33 हजार रुपये हैं। अन्य कोई संपत्ति नहीं है। इस दौरान ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे वरिष्ठ नागरिक हैं, इसलिए उन्हें नुकसान नहीं होगा।
दो अप्रैल को ठगों ने पीड़ित को निर्देश दिया कि वे अपने खाते से 5 लाख 20 हजार रुपये तुरंत बताए गए आईसीआईसीआई बैंक के एक खाता में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दें।
साथ ही उन्हें बैंक मैनेजर को इस बारे में कुछ न बताने की चेतावनी दी गई। ठगों ने यह भी कहा कि अगर पैसा गलत नहीं होगा तो आधे घंटे के भीतर वापस कर दिया जाएगा।
डर के कारण पीड़ित ने बैंक आफ बड़ौदा, रातू रोड शाखा जाकर बताए गए खाते में 5.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसी शाम उनके रिश्तेदार के रांची आने पर जब उन्होंने पूरी घटना बताई, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस का कहना है कि केस कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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मोबाइल खोने के बाद खातों से उड़ाए 2 लाख रुपये
साइबर थाना में ओम प्रकाश ने ठगी हो जाने पर केस किया है। ओम प्रकाश ने बताया कि वह शुक्ला कालोनी में रहते हैं। उनका मोबाइल खो गया था। इस घटना की सूचना उन्होंने अरगोड़ा थाना में दे दी थी। इसके बावजूद भी उनके खाता से संदिग्ध लेन देन होने लगा।
पीड़ित ने बताया कि उनके और उनकी बेटी के के संयुक्त खाते से 2 लाख चार हजार रुपये की निकासी की गई। इस खाते में ओम प्रकाश द्वितीय खाताधारक के रूप में जुड़े हुए हैं।
मोबाइल नंबर पोर्ट करने के नाम पर हवलदार से ठगी
साइबर थाना में पीटर लेप्चा ने ठगी हो जाने पर केस किया है। पीटर ने पुलिस को बताया कि वह सशस्त्र पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनका मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया।
जब उन्होंने जियो कार्यालय में संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि उनका नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर एयरटेल में पोर्ट कर लिया गया है। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो यह देखकर वह हैरान रह गए कि उनके खाते से एक लाख 14 हजार रुपये की निकासी हो गई है।
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