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    दिल्ली: नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी चला रहे 7 आरोपी गिरफ्तार

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 10:51 PM (IST)

    दिल्ली साइबर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले एक फर्जी प्लेसमेंट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में मास्टरमाइंड सहित सात ज ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. फर्जी 'नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स' एजेंसी नौकरी के नाम पर ठगती थी।

    2. बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस अवैध रूप से वसूली।

    3. मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा सहित कुल सात आरोपी गिरफ्तार।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले प्लेसमेंट गिरोह का भंडाफोड़ कर मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस की टीम ने मास्टरमाइंड समेत सात जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

    ''नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स'' के नाम से चल रही फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी बिना रजिस्ट्रेशन के काम कर रही थी। आरोपितों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी एनसीआरपी पोर्टल पर पांच शिकायतें मिली हैं।

    अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

    इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए कई मोबाइल, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के रजिस्ट्रेशन फार्म और पेमेंट रिकार्ड बरामद हुए हैें। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।

    मध्य जिले के उपायुक्त रोहित राजबीर के मुताबिक, करोल बाग के बापा नगर में रहने वाले युवक ने शिकायत दी थी कि उसने आनलाइन नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 24 जुलाई को उसे खुद को एचआर बताने वाले व्यक्ति का वाट्सऐप मैसेज आया और 25 जुलाई को इंटरव्यू के लिए उत्तम नगर स्थित कार्यालय बुलाया गया।

    वहां रजिस्ट्रेशन फीस और अकाउंट ओपनिंग चार्ज के नाम पर उससे 4,800 रुपये आनलाइन जमा करा लिए गए। उसे भरोसा दिलाया गया कि नौकरी जाइन करने के बाद पूरी रकम लौटा दी जाएगी, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए।

    बाद में संबंधित मोबाइल नंबर भी बंद हो गए। शिकायत के बाद जांच शुरू की गई। फिर मोबाइल नंबरों, यूपीआइ और बैंक खातों की तकनीकी जांच की। इसके बाद उत्तम नगर के जीवन पार्क स्थित कार्यालय पर छापा मारा गया, जहां से फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी संचालित होती मिली।

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    उसके बाद मास्टरमाइंड प्रीति मल्होत्रा, दिव्या, ललिता उर्फ पिंकी, नैना, प्रियंका, (चारों एचआर के तौर पर काम करती थी), फील्ड बाय के रूप में काम करने वाले कपिल कुमार शर्मा और ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

    फर्जी इंटरव्यू लेकर वसूलते थे पैसे

    पूछताछ में पता चला कि आरोपित आनलाइन जाब पोर्टल पर आकर्षक नौकरियों के विज्ञापन डालते थे। इसके बाद बेरोजगार युवाओं से वाट्सऐप और फोन के जरिए संपर्क कर उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था।

    फर्जी इंटरव्यू के बाद नौकरी पक्की होने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग और अकाउंट ओपनिंग फीस के नाम पर वसूले जाते थे। रकम मिलने के बाद न नौकरी दी जाती थी और न ही पैसे लौटाए जाते थे।

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