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    दिल्ली पुलिस ने मेरठ में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, 25 पेन पिस्टल समेत एक गिरफ्तार

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 11:05 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मेरठ में एक अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। दो हथियार तस्कर, हासिर और परवेज़, गिरफ्तार किए गए। फैक्ट्री से ...और पढ़ें

    पूछताछ के बाद मेरठ में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री में छापा मार वहां से एक और हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया गया।

    पूछताछ के बाद मेरठ में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री में छापा मार वहां से एक और हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया गया।

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    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मेरठ में चल रही अवैध हथियार बनाने की एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पहले एक हथियार सप्लायर को बादली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए गए। उससे पूछताछ के बाद मेरठ में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री में छापा मार वहां से एक और हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया गया।

    फैक्ट्री से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 25 पेन पिस्टल, छह कारतूस, 78 मैग्जीन, तीन बैरल, तीन पिस्टल स्लाइड, तीन पिस्टल बाडी, हथियारों के कई पुर्ज़े व हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व अन्य सामान बरामद किया गया। ये लोग करीब चार हजार रुपये में पेन पिस्टल बेचते थे, इससे आमने-सामने की लड़ाई में नजदीक से गाेली चलाने पर लोगों की मौत हो सकती है। पेन पिस्टल की खासियत यह है कि तलाशी और फ्रिस्किंग के दौरान इन्हें पकड़ पाना बहुत मुश्किल होता है। इस पिस्टल में 7.65 एमएम के कारतूस का इस्तेमाल किया जाता है।

    डीसीपी पंकज कुमार के मुताबिक यह सिंडिकेट कब से पेन पिस्टल बना रहा था और अब तक इन्होंने कितने पेन पिस्टल बनाकर किन-किन बदमाशों व अन्य को आपूर्ति कर चुका है। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एसीपी गिरीश कौशिक व इंस्पेक्टर नीरज शर्मा की टीम ने 19 मार्च को पहले हासिर उर्फ ''शूटर'' को बादली रेलवे स्टेशन के पास से धर-दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास से दो सेमी-आटोमैटिक पिस्टल, एक पेन पिस्टल व छह कारतूस मिले।

    पूछताछ में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले परवेज़ से अवैध हथियार खरीदता था। इसके बाद सप्लाई नेटवर्क की आगे की जांच के लिए हासिर को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया। उससे पूछताछ के बाद मेरठ में परवेज़ के घर पर छापा मारा गया। पुलिस की मौजूदगी देखते वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। घर की तलाशी के दौरान ऊपरी मंज़िल से, अवैध हथियारों और उन्हें बनाने के सामान का एक बड़ा ज़खीरा बरामद किया गया। जिसमें 24 पेन पिस्टल, 78 मैग्जीन, तीन बैरल, तीन पिस्टल स्लाइड, तीन पिस्टल बाडी, हथियारों के कई छोटे-छोटे पुर्ज़े (स्प्रिंग, फायरिंग पिन, वगैरह) व हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, औजार, जिनमें एक ड्रिल मशीन भी शामिल थी।

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    इस ऑपरेशन के दौरान, कुल 25 पेन पिस्टल बरामद की गईं, जो देखने में बिल्कुल आम पेन जैसी लगती हैं। इन्हें भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाना आसान होता है और आमने-सामने की लड़ाई में ये बहुत जानलेवा साबित हो सकती हैं। आम तलाशी और फ्रिस्किंग के दौरान इन्हें पकड़ पाना बहुत मुश्किल होता है। इसमेें 7.65 एमएम के कारतूस का इस्तेमाल किया जाता है।

    परवेज़, शाह घासा, शोरब गेट, मेरठ का रहने वाला है। उसे पहली बार 18 साल पहले अवैध हथियारों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद, उसने समीर और रिहान के साथ मिलकर अवैध हथियारों का निर्माण शुरू कर दिया। 12 साल पहले मेरठ पुलिस ने भी उसे अवैध हथियार बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था। 2017 में एनआइए ने यूएपीए के तहत उसे व पहर सिंह के साथ गिरफ्तार किया था।

    इनपर 2017 में खालिस्तानी आतंकी द्वारा 'टारगेट किलिंग' में प्रमुख नेताओं की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार सप्लाई करने का आरोप था। एूएपीए के तहत वह पांच साल तक जेल में रहा था। 2024 में मेरठ पुलिस द्वारा इसी तरह के एक और मामले में उसे फिर गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ अवैध हथियारों के निर्माण और यूएपीए से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। हासिर, खट्टा रोड, कोतवाली, मेरठ का रहने वाला है। 2021 में 50 लाख की चोरी के एक मामले में उसे पहली बार गिरफ्तार किया गया। उसपर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुजफ्फरनगर में पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने के मामले में वह शामिल रहा है।

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