शाहजाद भट्टी का प्रमुख ऑपरेटिव गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से नियंत्रित आतंकी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के आतंकी सिंडिकेट के एक प्रमुख सदस्य हरमिंदर सिंह उर्फ हरमन को गिरफ्तार किया है। ह ...और पढ़ें

गिरफ्तार युवक ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कर ग्रैफिटी और ग्रेनेड हमलों की साजिश रची थी।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी के संचालित आतंकी सिंडिकेट के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क कर ग्रैफिटी और ग्रेनेड हमलों की साजिश रची थी।
गिरफ्तार युवक की पहचान
गिरफ्तार किया गया शख्स का नाम हरमिंदर सिंह उर्फ हरमन (18 वर्ष) है। वह यूपी के रामपुर का पुत्र प्रदीप, निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश) को स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज की टीम ने गिरफ्तार किया। एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट की निगरानी में उनकी टीम ने यह सफलता अर्जित की। टीम में इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपित के पास से एक काली स्प्रे पेंट की बोतल, जिससे पंजाब के होशियारपुर जिले के तलवाड़ा में तीन जगहों पर 'TTH' ग्रैफिटी की गई थी, बरामद की गई है। वहीं, एक मोबाइल फोन जिसमें शाहजाद भट्टी और उसके पाकिस्तानी सहयोगियों के साथ आपत्तिजनक चैट्स, ग्रैफिटी की तस्वीरें और वीडियो मिले।
साजिश का खुलासा
पूछताछ में पता चला कि हरमन शाहजाद भट्टी के निर्देश पर फरवरी 2026 में तलवाड़ा (पंजाब) में तीन सार्वजनिक स्थानों पर 'TTH' ग्रैफिटी लिखकर उनकी तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेज चुका था।
उसने रामपुर (उत्तर प्रदेश) में भी इसी तरह की ग्रैफिटी करवाने के लिए अपने एक दोस्त को उकसाया।शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अनस ने हरमन को रामपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब से कनेक्शन के जरिए ग्रेनेड ड्रोन से भेजा जाएगा। हरमन की गिरफ्तारी से यह साजिश नाकाम हो गई।हरमन ने यह भी दावा किया कि उसके सहयोगी दिल्ली के कश्मीरी गेट में हुई फायरिंग घटना में शामिल थे। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी भी ली थी।
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दुबई में बसाने का दिखाया गया ख्वाब
पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया (खासकर इंस्टाग्राम) के जरिए भारत के युवाओं को टारगेट करते हैं। वे उनकी प्रोफाइल देखकर उन्हें लुभाते हैं और कम जोखिम वाले कार्यों से शुरू करते हैं, जैसे ग्रैफिटी लिखवाना, संवेदनशील स्थानों की रेकी करवाना और वीडियो बनवाकर मंगवाना। इसके अलावा देश में छिपकर रहने वाले स्लीपर सेल्स को कैश मुहैया कराने और ठहरने की जगह दिलाने में सहयोग लेने का काम करवाया जाता है। एक-दो कार्य सफल होने पर ग्रेनेड हमला या फायरिंग जैसे बड़े हमलों का निर्देश दिया जाता है। हरमन को भी भारी इनाम और दुबई में बसने का लालच दिया गया था।
हरमन का बैकग्राउंड
हरमन के पिता को शराब और ड्रग्स की लत थी। इसलिए उसकी मां मायके चली गई। इसके बाद हरमन ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। 2023 में पिता से मारपीट के बाद वह घर से भागकर अमृतसर पहुंचा, जहां उसे क्रिमिनल गैंग से जुड़े एक व्यक्ति से संपर्क हुआ। सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों की लग्जरी लाइफस्टाइल देखकर वह प्रभावित हुआ। उसने शाहजाद भट्टी को फॉलो किया और धीरज उर्फ धीरू (सिरसा महिला थाने पर ग्रेनेड हमले का आरोपी) से जुड़ गया। धीरज के जरिए ही उसका शाहजाद भट्टी से परिचय हुआ था।
पुलिस का बयान
स्पेशल सेल ने कहा कि यह एक विदेश नियंत्रित आतंकी मॉड्यूल था, जो रिमोट निर्देशों, ड्रोन से हथियार तस्करी और डिस्पोजेबल युवाओं का इस्तेमाल कर हमलों की योजना बना रहा था। गिरफ्तारी से बड़े हमलों को टाला गया है। फरार सहयोगियों की तलाश जारी है। फिलहाल, हरमन के खिलाफ उचित धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में और खुलासे होने की उम्मीद है।