अब पासपोर्ट केंद्र जैसे आधुनिक होंगे दिल्ली के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस, संपत्ति पंजीकरण होगा पूरी तरह ऑनलाइन
दिल्ली के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और स ...और पढ़ें

कार्यालयों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति। (AI Generated Image)
HighLights
संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसे बनेंगे।
भ्रष्टाचार रुकेगा, लोगों को दलालों से मुक्ति मिलेगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में अब पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संपत्ति के पंजीकरण का काम पूरी तरह आनलाइन और समयबद्ध किया जाएगा।
इससे संपत्ति पंजीकरण कराने के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें आनलाइन कार्यालय आने का समय आवंटित होगा और अधिकांश कार्य आनलाइन ही पूरा हो सकेगा। पारदर्शी प्रक्रिया से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
नागरिक-अनुकूल सेवा केंद्र बनान लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजधानी के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तरह आधुनिक, पारदर्शी, तकनीकी आधारित और नागरिक-अनुकूल सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करना है। निजी भागीदारी से इस माडल पर काम किया जा रहा है, जिसमें लंबी कतारों, अव्यवस्था, तकनीकी बाधाओं और अनावश्यक हस्तक्षेप को समाप्त किया जाएगा।
आधुनिक कार्यालयों में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, हेल्प डेस्क, डिजिटल सहायता केंद्र, प्रशिक्षित स्टाफ, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, स्मार्ट टोकन प्रणाली और रियल-टाइम एप्लीकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यालय जाने से पहले कई प्रक्रियाएं आनलाइन पूरी करने और स्मार्ट टोकन सिस्टम के जरिए लोगों का इंतजार समय कम किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
अत्याधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा और सत्यापन तंत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एआइ आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक से आवेदकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
ऑनलाइ प्रक्रिया से घटेगी भीड़
संपत्ति दस्तावेजों की सुरक्षा, फर्जीवाड़े को रोकने और विवादों को कम करने के लिए डिजिटल रिकार्ड प्रबंधन, जियो-फेंसिंग और सुरक्षित डेटा इंटीग्रेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आनलाइन प्रक्रिया और कार्यालयों में भीड़ कम होने से अधिकारी मुख्य प्रशासनिक कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। लोगों को दलालों और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही राजस्व की चोरी, संपत्तियों के गलत मूल्यांकन, लंबित दस्तावेजों की ट्रैकिंग में कठिनाई तथा फर्जी दस्तावेजों का खतरा भी समाप्त हो जाएगा।