दिल्ली में सड़क निर्माण को मिलेगी गति, टेंडर राशि में 30% तक बढ़ोतरी संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण सड़क निर्माण सामग्री महंगी होने से दिल्ली में सड़कों का काम रुका हुआ है। सरकार अब पुराने टेंडरों की राशि में 30% ...और पढ़ें

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण सड़क निर्माण सामग्री महंगी होने से दिल्ली में सड़कों का काम रुका हुआ है। इमेज एआई
HighLights
सड़क निर्माण सामग्री की कीमतों में 30-35% की वृद्धि।
पश्चिम एशिया युद्ध के कारण कोलतार महंगा हुआ।
दिल्ली सरकार पुराने टेंडरों की राशि बढ़ाएगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से महंगी हुई सड़क निर्माण सामग्री के चलते सड़क निर्माण के पूर्व में किए गए टेंडरों की राशि में 30% तक बढोत्तरी राशि देने पर विचार कर रही है। इसके अनुसार किए गए टेंडर में उन्हें 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि का भुगतान मिल सकेगा।
यह राहत पूर्व में सड़कें बनाने के लिए किए गए टेंडर के संबंध में मान्य होगी। यह बढोत्तरी लोक निर्माण विभाग के सड़कों से संबंधित रुके पड़े कार्यों काे देखते हुए की जाएगी। इसे लेकर सरकार ने संकेत दिए हैं।
दरअसल, सरकार की सड़कें बनाने के लिए पूर्व में हुए टेंडर पर काम नहीं शुरू नहीं हो सका था इस दौरान पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के चलते कंपनियों ने निर्माण सामग्री पर 30 से 35% दाम बढ़ा दिए। इन कंपनियों का कहना है कि ईरान से आने वाले तेल ने निकाला जाने वाला कोलतार महंगा हो गया है और उन्हें पर्याप्त नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण सड़कों का निर्माण लगभग ठप है।
वजह जिन कंपनियों को टेंडर मिला था वे काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इस माहौल में काम उनके लिए काम करना संभव नहीं हो पा रहा है। दिल्ली में सडक बनाने के लिए तारकोल मिक्स निर्माण सामग्री तैयार करने के लिए कोई प्लांट नहीं लगा है। अदालती आदेश के चलते ये प्लान पड़ोसी राज्यों में लगे हुए हैं जहां से दिल्ली के लिए इस सामग्री की आपूर्ति की जाती है। इन कंपनियों ने अपने दाम 30 से 35% तक बढ़ा दिए हैं।
ऐसे में दिल्ली में सड़कों के निर्माण को लेकर सरकार की चुनौती बढ़ रही है। सरकार का 31 मार्च तक 400 किलोमीटर तक सड़क बनाने का लक्ष्य था, मगर इस तारीख तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका, यहां तक कि इस समय तक भी 400 किलोमीटर में से 200 किलोमीटर तक सड़कों का काम पूरा हो सका है। गड्ढों को भरने का काम भी प्रभावित है। लोक निर्माण विभाग के पास दिल्ली की प्रमुख सड़कें हैं जिनकी लंबाई 1440 किलोमीटर के करीब है।