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    PWD की वास्तुविद विंग को मिलेगी नई ताकत, दिल्ली की परियोजनाओं में आएगा सुधार

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 06:07 PM (IST)

    पीडब्ल्यूडी अपनी वास्तुविद विंग को मजबूत कर रहा है, जिसमें उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जोन में वास्तुविदों की तैनाती की जा रही है। ...और पढ़ें

    पीडब्ल्यूडी अपनी वास्तुविद विंग को मजबूत कर रहा है। इमेज एआई

    पीडब्ल्यूडी अपनी वास्तुविद विंग को मजबूत कर रहा है। इमेज एआई

    HighLights

    1. पीडब्ल्यूडी वास्तुविद विंग को मजबूत कर रहा है।

    2. उत्तरी, पूर्वी, दक्षिणी जोन में वास्तुविदों की तैनाती।

    3. परियोजनाओं की डिजाइन और गुणवत्ता में सुधार लक्ष्य।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अपनी वास्तुविद (आर्किटेक्ट) विंग को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। विभाग ने उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी जोन में वास्तुविदों की तैनाती शुरू कर दी है। उत्तरी जोन में रिक्त पड़े मुख्य वास्तुविद के पद पर विधि प्रकाश की नियुक्त की है।

    वहीं इसी जोन में सहायक वास्तुविद रुचि प्रसाद की तैनाती हुई है। वहीं अन्य पदों पर भी वास्तुविद की तैनाती की योजना है। विभाग का उद्देश्य भवनों और सार्वजनिक ढांचों की डिजाइन, गुणवत्ता तथा कार्यान्वयन में विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ाना है ताकि भविष्य की परियोजनाओं में बेहतर योजना और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

    पीडब्ल्यूडी में वास्तुविद केवल भवनों के नक्शे तैयार करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, स्कूलों, फ्लाईओवरों से जुड़े भवनों, बस टर्मिनलों, सार्वजनिक सुविधाओं, विरासत संरचनाओं के संरक्षण, शहरी सुंदरीकरण और नागरिक सुविधाओं के डिजाइन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    परियोजनाओं की कार्यक्षमता, सुरक्षा, पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए उनकी तकनीकी सलाह ली जाती है। विभाग का मानना है कि मजबूत वास्तुविद विंग से परियोजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और निर्माण कार्य अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरे किए जा सकेंगे।

    दिल्ली में पीडब्ल्यूडी इस समय कई महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें नए फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर, सड़क चौड़ीकरण, सरकारी अस्पतालों का विस्तार, स्कूल भवनों का निर्माण एवं आधुनिकीकरण, प्रशासनिक भवन, पैदल यात्री सुविधाएं, सड़कों का पुनर्विकास तथा सार्वजनिक स्थलों के सुंदरीकरण जैसे कार्य शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं में डिजाइन और तकनीकी योजना के स्तर पर वास्तुविदों की भूमिका अहम मानी जाती है।

    बता दें कि वास्तुविद विंग पहले भी चर्चा में रहा है। आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यकाल में 12 वास्तुविदों को कम अनुभवी कह कर वापस केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में भेज दिया गया था। इनके स्थान पर निजी लोगों को लगा दिया गया था।

    शिकायत हाेने पर इस मामले की सीबीआइ जांच हुई थी और इसकी आंच मंत्री तक पहुंची थी। अब सत्ता में आई भाजपा सरकार वास्तुविद विंग को मजबूत कर रही है।

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