दिल्ली में 1 करोड़ की चोरी का पर्दाफाश, 150 से ज्यादा CCTV से 10 किमी तक किया ट्रैक; सर्राफ और महिला समेत 5 गिरफ्तार
पूर्वी दिल्ली के मधु विहार में हुई एक करोड़ रुपये की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। स्पेशल स्टाफ ने सर्राफ और एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ् ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। जागरण
HighLights
मधु विहार में एक करोड़ की चोरी का पर्दाफाश।
सर्राफ और महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए।
पुलिस ने 150 CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों को पकड़ा।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। मधु विहार इलाके में हुई करीब एक करोड़ रुपए की चोरी के मामले का पूर्वी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें चोरी का माल ठिकाने लगाने वाला सर्राफ और एक महिला सहयोगी भी शामिल है।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से सोने-हीरे के आभूषण, चांदी के सामान और आठ लाख रुपए नकद व अन्य सामान बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह वारदात 31 मार्च की रात आर्य नगर अपार्टमेंट में हुई थी, जब मकान मालिक घर बंद कर बाहर गए हुए थे। अगले दिन लौटने पर ताले टूटे मिले और करीब एक करोड़ रुपए के जेवर व 12 लाख नकद चोरी पाए गए। मामले में मधु विहार थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
150 से ज्यादा CCTV खंगालकर 10 किमी तक ट्रैक किया
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल स्टाफ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट और मधु विहार थाने की संयुक्त टीम गठित की गई। स्पेशल स्टाफ टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक ने किया, जबकि थाने की टीम का नेतृत्व एसएचओ अरुण कुमार ने संभाला।
जांच के दौरान पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपितों के भागने के 10 किलोमीटर लंबे रूट को ट्रैक किया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आठ अप्रैल को बबलू उर्फ कलुआ और रामपाल उर्फ रामकुमार को गिरफ्तार किया गया।
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इनके खुलासे पर 10 अप्रैल को विशाल उर्फ विक्की को दबोचा गया। पूछताछ में चोरी का माल खरीदने वाले सर्राफ रवि सोनी और सहयोगी पिंकी की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे करते थे वारदात
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित दिन में कॉलोनियों की रेकी कर बंद मकानों को चिह्नित करते थे। देर रात औजारों से ताले तोड़कर अंदर घुसते और नकदी व जेवरात चोरी कर फरार हो जाते। चोरी का माल तुरंत सर्राफ के जरिए बेच दिया जाता था या परिचितों के पास छिपा दिया जाता था, ताकि बरामदगी मुश्किल हो सके।
शौक पूरे करने के लिए करते थे चोरी
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य आदतन अपराधी हैं और महंगे शौक पूरे करने के लिए वारदात करते थे। चोरी के पैसों से बाइक और अन्य लग्जरी सामान खरीदे जाते थे। गिरफ्तार मुख्य आरोपित बबलू पर 35, विशाल पर 16 और रामपाल पर छह आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं पिंकी और सर्राफ रवि सोनी का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपितों के पास से करीब 70 प्रतिशत सोने-हीरे के जेवर, 80 प्रतिशत चांदी के सामान, आठ लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल औजार बरामद किए हैं।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि स्पेशल स्टाफ और मधु विहार थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से इस चोरी के मामले को सुलझाया है। आरोपितों के पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया गया है और आगे की जांच जारी है। क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।