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दिल्ली में तीन माह में दूसरी बार ढही इमारत, हादसे पर राहुल गांधी ने जताया दुख; NSUI के कार्यकर्ता भी जुटे

Published: Sun, 06 Sep 2026 07:10 PM (IST)

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से तीन छात्रों की मौत हो गई और आठ ...और पढ़ें

सत्य निकेतन में पीजी भवन गिरने से तीन छात्रों की मौत।

सत्य निकेतन में पीजी भवन गिरने से तीन छात्रों की मौत।

HighLights

  1. सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढही।

  2. हादसे में तीन छात्रों की मौत, आठ घायल।

  3. मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए, राहुल गांधी ने जताया दुख।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में तीन माह में दूसरी बार इमारत बनाने में लापरवाही जानलेवा साबित हुई। गत 30 मई को सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने से मेडिकल के छह छात्रों की मौत का मामला लोग भूले भी नहीं थे कि रविवार को सत्य निकेतन इलाके में करीब 80 गज में बनी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई।

इमारत में पीजी संचालित हो रहा था और इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के छात्र रहते थे। इस हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई। आठ छात्रों को मलबे से जख्मी हालत में निकालकर एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया है। मलबे में अभी कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य में एनडीआरएफ, दमकल, पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ डीयू के छात्र भी जुटे रहे।

पिलर फटने के बाद इमारत ढहने की आशंका

एम्स प्रशासन के अनुसार उनके यहां चार घायलों को भर्ती किया गया है। इनमें दो की हालत गंभीर है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक पिलर फटने के बाद इमारत ढहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

इमारत को लीज पर लेकर कराय गया था रेनोवेशन

स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। इमारत काफी पुरानी थी और इसमें बहुत कम पिलर थे। भवन की हालत ठीक नहीं होने के कारण यह कई वर्षों तक खाली रहा था। भवन के भूतल पर दुकानें बनी थीं। खराब हालत के कारण दुकानें भी किराये पर नहीं लग पा रही थीं। पिछले साल एक कंपनी ने इमारत को लीज पर लेकर इसका रेनोवेशन कराया और इसके बाद यहां पीजी शुरू किया गया। इसके बाद से कुछ छात्र यहां रहने लगे। इस वर्ष छात्रों की संख्या काफी बढ़ गई थी।

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से सटा इलाका है। यहां श्री वेंकटेश्वर, एआरएसडी, मोतीलाल नेहरू, आर्यभट्ट कोएड, जेएमसी और मैत्रेयी जैसे कालेज हैं। इस वजह से इलाके में पीजी की मांग लगातार बनी रहती है। यह मूल रूप से रिहायशी क्षेत्र है, लेकिन समय के साथ कई मकानों को पीजी में बदल दिया गया है।

सीएम ने दिए जांच के आदेश

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने यहां स्थित एक मंदिर की छत से सामने चल रहे राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री कपिल मिश्रा, सांसद बांसुरी स्वराज और क्षेत्रीय विधायक अनिल शर्मा मौजूद रहे। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। मेरी अपील है कि सभी बचाव दल हरसंभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचे, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हास्टल न होने के कारण छात्र पीजी में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। - राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

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