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'अंदर से फोन आ रहे हैं...', दिल्ली बिल्डिंग हादसे के बाद जिंदगी की तलाश जारी, मलबे में कई छात्र फंसे

Published: Sun, 06 Sep 2026 06:17 PM (IST)

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कॉलेज के छात्र पीजी के तौर पर रह ...और पढ़ें

सत्‍य निकेतन में छह मंजिला इमारत ढही। जागरण

सत्‍य निकेतन में छह मंजिला इमारत ढही। जागरण

HighLights

  1. सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, छात्र फंसे।

  2. मलबे में फंसे छात्रों ने फोन कर मदद मांगी।

  3. बचाव अभियान जारी, 12 से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर।

डिजिटल डस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि इमारत में कॉलेज के छात्र पीजी के तौर पर रह रहे थे।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने दावा किया कि मलबे में फंसे कुछ छात्रों ने फोन कर मदद मांगी है। हालांकि, उन्होंने मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है।

'मलबे के नीचे से आ रहे फोन'

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने बताया कि इमारत में अलग-अलग जगहों से पढ़ाई करने आए छात्र पीजी में रह रहे थे। इमारत के गिरने के बाद कई छात्र मलबे में फंस गए हैं।

विधायक ने कहा, "यह बताना मुश्किल है कि मलबे में पांच, 10 या 20 छात्र फंसे हैं। लेकिन इतना निश्चित है कि छात्र अंदर फंसे हुए हैं। कुछ छात्रों ने मलबे के अंदर से फोन भी किए हैं।"

उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि कई अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि छात्रों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन की प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री ने भी पूरी टीम को मौके पर भेजा है।

12 से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर

हादसे के बाद दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, मेडिकल टीम और आपातकालीन सेवाओं को मौके पर भेजा गया है। बचाव अभियान में आपदा प्रतिक्रिया दल की टीम भी जुटी हुई है। अधिकारियों ने मलबा हटाने के लिए करीब 12 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी हैं।

एक एक्सकेवेटर की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। स्लैब और लोहे के गार्डर हटाने के लिए अतिरिक्त मशीनरी भी मौके पर मंगाई जा रही है।

'Hostel Daze' था इमारत का नाम

पुलिस के मुताबिक, जिस इमारत के गिरने की घटना हुई, उसका नाम 'Hostel Daze' था। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताई चिंता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह सत्य निकेतन, आरके पुरम में हुई इमारत गिरने की घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं।

वहीं, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने संबंधित टीमों को मौके पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी

फिलहाल बचाव दल मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। फोन कॉल के जरिए अंदर फंसे छात्रों की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। भारी मलबे और लोहे के गार्डर के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन की टीमें लगातार अतिरिक्त मशीनरी और संसाधन मौके पर पहुंचा रही हैं।

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