"सदन के वीडियो पर FIR दुर्भाग्यपूर्ण" पंजाब पुलिस के दखल पर भड़के विजेंद्र गुप्ता, आतिशी पर भी उठाए सवाल
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब पुलिस द्वारा सदन के वीडियो पर दर्ज एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि यह व ...और पढ़ें

प्रेस वार्ता के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर पंजाब पुलिस द्वारा सदन के वीडियो पर एफआईआर दर्ज किए जाने को “दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक” बताया।
उन्होंने कहा कि जिस वीडियो का इस्तेमाल एफआईआर दर्ज करने में किया गया है, वह दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक संपत्ति है और इस पर किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का अधिकार नहीं है।
विपक्ष के रवैये पर भी टिप्पणी
प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष की नेता आतिशी पर भी उन्होंने सवाल उठाए। अध्यक्ष ने कहा कि आतिशी कई दिनों तक सदन में उपस्थित ही नहीं रहीं, जबकि उनके साथी प्रदूषण पर चर्चा की मांग करते रहे। लेकिन जब चर्चा हुई तो विपक्ष के सदस्य एक-एक कर सदन से बाहर चले गए।
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गुरुओं का अपमान, माफी जरूरी
गुप्ता ने आरोप लगाया कि नेता विपक्ष ने गुरु परंपरा का अपमान किया है और उन्हें इस पर माफी मांगने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पंजाब पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब पुलिस से जवाब मांगा गया
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज एफआईआर को लेकर पंजाब पुलिस से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। यह एफआईआर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एमएस अतीशी से जुड़े एक वीडियो क्लिप के संबंध में दर्ज की गई है, जिसे फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर जानबूझकर डॉक्टर्ड पाया गया है।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, यह वीडियो 6 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित है। इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति को 9 जनवरी 2026 को सदन की बैठक के दौरान अध्यक्ष के संज्ञान में लाया गया था।
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सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को लेकर सदन पहले से ही संज्ञान में है। अतीशी द्वारा सदन में दिए गए कथित बयानों, जिनमें सिख गुरुओं के विरुद्ध टिप्पणी का आरोप है, को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति (कमेटी ऑफ प्रिविलेजेज) को भेजा जा चुका है। विपक्षी सदस्यों के अनुरोध पर वीडियो क्लिप पहले ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी जा चुकी है।
48 घंटे का समय
नोटिस में कहा गया है कि जब यह मामला पूरी तरह से विशेषाधिकार प्राप्त सदन के अधिकार क्षेत्र में है, तब पंजाब पुलिस द्वारा इस पर कार्रवाई किए जाने पर सदन ने गंभीर चिंता जताई है। विजेंद्र गुप्ता ने इस पर संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि पंजाब पुलिस से यह स्पष्ट किया जाए कि उसने इस विषय में हस्तक्षेप कैसे किया।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे पूरे मामले पर अपना लिखित स्पष्टीकरण, शिकायत की प्रति, एफआईआर की कॉपी और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट सहित सभी संबंधित दस्तावेज 12 अगस्त 2026 तक (48 घंटे के भीतर) सचिवालय को अनिवार्य रूप से सौंपें।