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    दिल्ली में जमीन और मकानों का होगा डिजिटल रिकॉर्ड, अगले महीने आ सकता है नया कानून

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 08:15 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली सरकार 'दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026' लाने की तैयारी में है, जिससे प्रत्येक संपत्ति को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान मिलेगी और सभी जानकारी ऑनलाइन उ ...और पढ़ें

    दिल्ली सरकार 'दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026' लाने की तैयारी में है। इमेज एआई

    दिल्ली सरकार 'दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026' लाने की तैयारी में है। इमेज एआई

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रत्येक संपत्ति का अपना विशेष डिजिटल पहचान होगा। उससे संबंधित सभी जानकारी आनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026’ लाने का निर्णय लिया है। अगले माह के अंत तक इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने की तैयारी है।

    इस पहल से पूरी दिल्ली की प्रत्येक संपत्ति का वैज्ञानिक सर्वे कर उसका डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर प्रत्येक संपत्ति के लिए एक विशिष्ट प्रार्टी आधार कार्ड बनाया जाएगा।

    अभी राजधानी के लाल डोरा क्षेत्र (गांवों की आबादी) उनकी संपत्ति का डिजिटल रिकार्ड उपलब्ध कराने वाली ’स्वामित्व’ (सर्वे आफ विलेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरिया) योजना पर काम चल रहा है। इसके अंतर्गत 48 गांव शामिल हैं।

    इनमें से 30 गांवों में आधुनिक तकनीक और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वे कर स्मार्ट प्रापर्टी कार्ड तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की संपत्तियों का प्रमाणिक रिकार्ड तैयार हुआ है। इसके आधार पर दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में व्यापक स्तर पर भूमि एवं संपत्ति का सर्वे कराने का निर्णय लिया है।

    प्रस्तावित ‘दिल्ली भूमि अभिलेख विधेयक, 2026’ के तहत केवल गांव ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों की प्रत्येक आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य प्रकार की संपत्तियों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। प्रत्येक भवन के प्रत्येक तल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।

    स्मार्ट प्रोपर्टी कार्ड से क्या होगा लाभ

    व्यवस्थित भूमि रिकार्ड के अभाव में लोगों को स्वामित्व प्रमाणित करने, खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार, ऋण, नक्शा स्वीकृति और न्यायालयों में लंबित विवादों जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संपत्तियों का प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।

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    इससे रिकॉर्ड संबंधी अस्पष्टता दूर होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। भविष्य की डिजिटल शासन व्यवस्था की मजबूत नींव भी बनेगी। आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से तैयार होने वाला यह रिकार्ड नागरिकों को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

    स्मार्ट कार्ड में उपलब्ध विवरण

    स्मार्ट स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड पर संपत्ति पहचान संख्या, जारी करने की तिथि, गांव/मोहल्ला, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, पिता या पति का नाम, हिस्सेदारी, कुल क्षेत्रफल, निर्मित एवं खुला क्षेत्र, भू-आधार नंबर, सह-कब्जाधारियों का विवरण और संपर्क नंबर अंकित होगा।

    इसपर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति का पूरा डिजिटल फॉर्म-13 उपलब्ध होगा। इसमें संपत्ति का विस्तृत नक्शा, उत्तर-दक्षिण-पूर्व-पश्चिम दिशा की सीमाएं, पड़ोसी संपत्तियों के पीआइडी, खसरा नंबर, सह-कब्जाधारियों एवं परिवार का विवरण, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर और दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण एवं रिकार्ड प्रबंधन नियम, 2025 की धारा 36 के अंतर्गत वैध कब्जा प्रमाणपत्र उपलब्ध रहेगा।

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