30 जून से दिल्ली में SIR की 'दस्तक', BLO पहुंचेंगे घर-घर; 7 अक्टूबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
दिल्ली में 30 जून से वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान शुरू हो रहा है, जिसमें BLO घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार को पत्रकार वार्ता में विस्तार से दी जानकारी। हरीश कुमार
HighLights
30 जून से BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन।
21 साल बाद दिल्ली में हो रहा बड़ा अभियान।
7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो आने वाले दिनों में आपके दरवाजे पर चुनाव आयोग की घंटी बज सकती है। दिल्ली में वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को पूरी तरह अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) की शुरुआत कर दी है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार के मुताबिक, पूरे 21 साल बाद दिल्ली में इतने बड़े स्तर पर यह खास अभियान चलाया जा रहा है। अगर आपका अभी तक वोटर आईडी नहीं बना है, या उसमें कोई गलती है, तो आपके पास इसे ठीक कराने का यह सबसे बेहतरीन मौका है।
30 जून से घर आएंगे BLO, आपको क्या करना होगा?
दिल्ली में लगभग 13 हजार बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) 30 जून से घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का काम शुरू करेंगे। अगर आप पहली बार में घर पर नहीं मिलते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि टीम आपके घर कम से कम 3 बार विजिट करेगी।
- मिलेगा न्यूमिरेशन फॉर्म: सर्वे के दौरान आपको दो 'न्यूमिरेशन फॉर्म' दिए जाएंगे। एक फॉर्म आपको भरकर BLO को देना होगा और दूसरा अपने पास संभालकर रखना होगा।
- दस्तावेजों का झंझट नहीं: इस फॉर्म को जमा करते समय आपको किसी भी अन्य डॉक्यूमेंट या आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं है।
- ऑनलाइन भी है सुविधा: यदि आप काम के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं या शहरी इलाके में हैं, तो आप इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
क्यों हो रहा है यह सर्वे?
इसका मकसद उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो अब दिल्ली छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, ताकि फर्जी वोटिंग को रोका जा सके। साथ ही, 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नए युवाओं के नाम जोड़े जाएंगे।
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वोटर लिस्ट में सुधार और नए नाम जोड़ने का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
तारीख क्या होगा?
- 30 जून घर-घर जाकर डोर-टू-डोर सर्वे और वेरिफिकेशन की शुरुआत।
- 5 अगस्त वोटर लिस्ट के पहले ड्राफ्ट (प्रारूप) का प्रकाशन।
- 7 अक्टूबर सभी सुधारों और दावों के निपटारे के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी।
21 साल बाद ऐसा क्यों?
इससे पहले दिल्ली में इस स्तर का स्पेशल रिवीजन साल 2002-2004 में हुआ था। चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए साल 2002 की पुरानी वोटर लिस्ट को भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है ताकि लोग पुरानी डिटेल्स भी चेक कर सकें।
इसके अलावा, चुनाव आयोग पोलिंग बूथ्स को भी व्यवस्थित कर रहा है और अब एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1,200 से ज्यादा वोटर्स नहीं होंगे, जिससे वोटिंग के दिन लंबी लाइनों से राहत मिलेगी। जनता की मदद के लिए दिल्ली के सभी जिलों में जल्द ही विशेष कैंप और हेल्पडेस्क भी लगाए जाएंगे।