नार्को-टेरर नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, ULFA(I) से जुड़ा ड्रग तस्कर नरेला से गिरफ्तार; दिल्ली-असम पुलिस का एक्शन
दिल्ली क्राइम ब्रांच और असम पुलिस ने 'नार्को-टेरर' गठजोड़ के तहत उल्फा (आई) से जुड़े ड्रग तस्कर अपूर्व ठाकुर को नरेला से गिरफ्तार किया है।

दिल्ली और असम पुलिस ने उल्फा आई का ड्रग्स तस्कर पकड़ा। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली-असम पुलिस ने उल्फा से जुड़े ड्रग तस्कर को पकड़ा
नरेला से अपूर्व ठाकुर गिरफ्तार, नार्को-टेरर गठजोड़ का खुलासा
ड्रग्स के पैसे से आतंकी फंडिंग की जांच जारी है
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क और आतंकवादी संगठनों के बीच पनप रहे 'नार्को-टेरर' गठजोड़ के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने असम की चराइदेव जिला पुलिस के साथ मिलकर अपूर्व ठाकुर नाम के ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया है।
इसपर असम में साइकोट्रॉपिक गोलियों की सप्लाई करने और उल्फा (आई) के सक्रिय काडर से जुड़े होने का आरोप है।
कार से हेरोइन बरामद होने के बाद खुला नेटवर्क
विशेष आयुक्त, क्राइम ब्रांच, एचजीएस धालीवाल के मुताबिक बीते 17 जुलाई को असम के चराइदेव जिले की मथुरापुर थाना पुलिस ने ढोदर अली रोड पर मारुति स्विफ्ट कार को रोककर जब तलाशी ली तब कार के एक गुप्त केबिन से 46.11 ग्राम हेरोइन (साबुन दानी में बंद) बरामद हुई थी।
जिसके बाद कार सवार मनुज गोगोई को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में मनुज ने जयपुर के रहने वाले भास्कर गोगोई का नाम बताया उसे भी पकड़ लिया गया। भास्कर के मोबाइल की जांच से काकोपाथार के देबाशीष दाहुतिया और वीओआईपी नंबर के जरिए उल्फा (आइ) के एक काडर से हुई बातचीत का पता चला।
आगे की जांच में बिटू हजारिका और उल्फा (आइ) काडर मृदुपवन दाहुतिया (जो 2011 में उल्फा में शामिल हुआ था) का नाम सामने आया। यहीं से दिल्ली से असम तक फैले इस ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का पता चला।
असम पुलिस के साथ मिलकर नरेला से गिरफ्तारी
इसके बाद गहन जांच से अपूर्व ठाकुर के बारे में पता चला जो इस सिंडिकेट को नशीली गोलियों की खेप भेज रहा था। असम पुलिस ने 25 अगस्त को क्राइम ब्रांच से इसे गिरफ्तार करने के लिए सहायता मांगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी हर्ष इंदौरा के निर्देश पर एसीपी राजपाल डबास व इंस्पेक्टर अक्षय गहलोत की टीम ने असम पुलिस के साथ मिलकर अपूर्व ठाकुर को नरेला से दबोच कर चराइदेव पुलिस के डीएसपी आर्यन नाथ की टीम को सौंप दिया। अदालत ने आरोपित को चार दिन के ट्रांजिट रिमांड पर असम पुलिस को सौंप दिया है।
मोबाइल चैट और बैंक खातों से मिले अहम सुराग
जांच अधिकारी आरोपित के मोबाइल और बैंक खातों की गहन जांच कर रहे हैं, जिसमें कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। आरोपित के मोबाइल से साल 2025 से उल्फा (आई) के सक्रिय काडर मृदुपवन दाहुतिया के साथ लगातार वाॅट्सएप चैट के साक्ष्य मिले।
फोन से नशीली गोलियों की खेप से जुड़ा एक इनवाइस (बिल) भी मिला है। साथ ही अपूर्व ठाकुर और गिरफ्तार आरोपित भास्कर गोगोई की पत्नी बोबी गोगोई के बीच लाखों रुपये का वित्तीय लेनदेन का पता चला है।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ड्रग्स तस्करी से हासिल हुए पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी या गैर-कानूनी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किया जा रहा था।
मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव से ड्रग्स सिंडिकेट तक
अपूर्व ठाकुर मूलरूप से मुजफ्फरपुर (बिहार) के रसूलपुर गांव का रहने वाला है। वह 2016 में दिल्ली आया था। 2022 में उसने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम शुरू किया और फार्मा क्षेत्र की जानकारी हासिल की। बाद में वह कमीशन पर दवाइयों की स्वतंत्र ट्रेडिंग करने लगा और ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा बन गया।
दिल्ली से असम भेजे गए कंसाइनमेंट की जांच
असम पुलिस ने आरोपित पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं और गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब दिल्ली से असम भेजे गए कंसाइनमेंट और इस नेटवर्क के बाकी खरीदारों व सप्लायरों का पता लगा रही है।
