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दिसंबर से आसान होगा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सफर, डबल-डेकर फ्लाईओवर से 70% ट्रैफिक सीधे ऊपर से गुजरेगा

Published: Wed, 22 Jul 2026 10:17 PM (IST)

दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो परियोजना का 88% काम पूरा हो चुका है और दिसंबर तक इसके बनने की उम्मीद है।

दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो परियोजना का 88% काम पूरा हो चुका है। फाइल फोटो

दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो परियोजना का 88% काम पूरा हो चुका है। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो 88% पूर्ण।

  2. दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।

  3. मंगल पांडेय मार्ग पर यातायात होगा सिग्नल-फ्री।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की पहली इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर-मेट्रो परियोजना का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है, इस परियोजना का करीब 88 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बनने के बाद सिग्नेचर ब्रिज से भोपुरा बार्डर तक करीब नाै किलाेमीटर लंबा मंगल पांडेय मार्ग सिग्नल फ्री हो सकेगा।

बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में परियोजना की संशोधित लागत 291 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई।

यह डबल-डेकर फ्लाईओवर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मंगल पांडेय मार्ग पर करावल नगर-घोंडा और बृजपुरी टी-प्वाइंट पर जाम की समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। यमुना विहार और भजनपुरा मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहा यह डबल-डेकर 1.40 किलोमीटर लंबा है।

यह परियोजना पीडब्ल्यूडी और डीएमआरसी की संयुक्त पहल है, जिसका निर्माण कार्य डीएमआरसी कर रही है। दोनों एजेंसियों के बीच 24 फरवरी 2021 को समझौता हुआ था। प्रारंभिक लागत 220.10 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जबकि अब तक इतनी ही राशि खर्च की जा चुकी है।

वर्ष 2023 में आवश्यक अनुमतियां समय पर नहीं मिलने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब अनुमति मिलने के बाद शेष कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। फ्लाईओवर के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर, नई सड़कें, फुटपाथ, रोड साइनेज, बिजली व्यवस्था, ड्रेनेज और वर्षा जल संचयन जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

परियोजना में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसकी कुल चौड़ाई 23 मीटर होगी और दोनों ओर 140-140 मीटर लंबे रैंप बनाए जा रहे हैं।

निर्माण प्रगति की बात करें तो 80 डेक स्लैब में से 74 तैयार हो चुके हैं और छह शेष हैं। 5,600 मीटर क्रैश बैरियर में से 4,100 मीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1,500 मीटर का काम बाकी है। 18 एक्सपेंशन जॉइंट में से 14 लगाए जा चुके हैं। अब सड़क की अंतिम परत, 100 बिजली के पोल, 8,000 वर्गमीटर क्रैश बैरियर पेंटिंग और 94,900 वर्गमीटर एंटी-कार्बोनेशन पेंटिंग जैसे अंतिम चरण के कार्य पूरे किए जाएंगे।

परियोजना पूरी होने के बाद यमुना विहार और भजनपुरा क्षेत्र में 65 से 70 प्रतिशत यातायात सीधे डबल-डेकर फ्लाईओवर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़कों पर केवल स्थानीय यातायात रहेगा और जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही गोकुलपुरी, खजूरी खास और सिग्नेचर ब्रिज के बीच सिग्नल-फ्री आवागमन भी संभव हो सकेगा।

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