विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर की नई डेट आई, बार-बार क्यों टली डेडलाइन और अब कब से शुरू होगा सफर?

Published: Tue, 25 Aug 2026 08:58 PM (IST)

यमुना विहार और भजनपुरा के बीच बन रहा दिल्ली का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर तय समय से पीछे चल रहा ...और पढ़ें

वजीराबाद रोड पर निर्माणाधीन डबल डेकर फ्लाईओवर।जागरण

वजीराबाद रोड पर निर्माणाधीन डबल डेकर फ्लाईओवर।जागरण

HighLights

  1. डबल डेकर फ्लाईओवर निर्माण में लगातार देरी हो रही है

  2. परियोजना अब दिसंबर 2026 के बाद ही पूरी होने की संभावना

  3. पेड़ों की कटाई अनुमति, री-टेंडर से काम की गति धीमी

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुना विहार से भजनपुरा के बीच बन रहे राजधानी के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर का काम तय समय से पीछे चल रहा है। निर्माण कार्य में लगातार आ रही अड़चनों के चलते अब इसके दिसंबर 2026 के बाद ही शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

लगभग तीन सौ करोड़ की लागत से बन रहे करीब 1.40 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में ऊपरी डेक पर मेट्रो ट्रैक और निचले डेक पर वाहनों के लिए फ्लाईओवर तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करने की बड़ी योजना है।

यह फ्लाईओवर यमुना विहार, भजनपुरा, घोंडा, करावल नगर और बृजपुरी जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों को राहत देने के लिए बनाया जा रहा है।

धीमी गति से चल रहा है निर्माण कार्य 

फिलहाल निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण स्थानीय लोगों को जाम और धूल-प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। अधूरे रैंप और निर्माण सामग्री के कारण मार्ग संकरा हो गया है, जिससे दिनभर यातायात प्रभावित रहता है।

परियोजना की शुरुआत में ही पेड़ों की कटाई की अनुमति समय पर नहीं मिल पाई, जिसके चलते काम लंबे समय तक ठप रहा। इसके अलावा कई हिस्सों में निर्माण अधूरा रह जाने के कारण दोबारा टेंडर प्रक्रिया भी करनी पड़ी।

इन कारणों से परियोजना की समय-सीमा बार-बार आगे बढ़ती रही। अब एजेंसियां शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने का दावा कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी धीमी प्रगति की ओर इशा करती है।

बदलती रहीं डेडलाइन, अटका रहा काम

डबल डेकर फ्लाईओवर को पूरा करने की पहली समय-सीमा जुलाई 2025 तय थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 का लक्ष्य रखा गया, लेकिन रैंप और कनेक्टिविटी कार्य अधूरे रहे। अब नई डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है। स्थानीय निवासी कुलदीप कुमार ने बताया कि यदि काम समय पर पूरा होता तो उन्हें रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सकती थी। फिलहाल स्थिति यह है कि सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर लंबा जाम लगना आम बात हो गई है।

क्यों अटका काम, क्यों हुआ री-टेंडर?

डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण शुरुआती चरण से ही बाधाओं में घिरा रहा। सबसे बड़ी रुकावट पेड़ों की कटाई की अनुमति में देरी रही, जिससे कई महीनों तक काम प्रभावित हुआ।

इसके बाद कुछ हिस्सों में ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ने और तकनीकी बदलावों की जरूरत के चलते परियोजना को दोबारा टेंडर करना पड़ा। अधूरे रैंप, डिजाइन समायोजन और यातायात प्रबंधन की चुनौतियों ने भी काम की गति धीमी कर दी।

इस परियोजना की निर्धारित समय-सीमा 31 अक्टूबर थी, लेकिन अब दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के चलते करीब 11 दिन तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहा, जिससे देरी हुई। अब संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि काम को तेजी से पूरा कर निर्धारित समय में फ्लाईओवर को शुरू किया जाए।

- अजय महावर, विधायक, घोंडा

यह भी पढ़ें- दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के पास बनेंगे 40 मंजिला अपार्टमेंट्स, 80 लाख की नई आबादी के लिए DDA का मेगा प्लान

यह भी पढ़ें- PM आवास के पास झुग्गी वालों को दिल्ली HC का अल्टीमेटम, 6 हफ्ते में खाली करें जगह; DUSIB देगा नया घर