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    दिल्ली की सड़कों पर गायब हो रही जेब्रा क्रासिंग, पैदल राहगीरों की सुरक्षा को खतरा

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 12:29 AM (GMT+05:30)

    पश्चिमी दिल्ली की सड़कों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर की लकीरें गायब होने से यातायात सुरक्षा खतरे में है। द्वारका, उत्तम नगर सहित कई इलाकों में ...और पढ़ें

    पश्चिमी दिल्ली की सड़कों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर की लकीरें गायब होने से यातायात सुरक्षा खतरे में है। इमेज एआई

    पश्चिमी दिल्ली की सड़कों पर ज़ेबरा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर की लकीरें गायब होने से यातायात सुरक्षा खतरे में है। इमेज एआई

    HighLights

    1. पश्चिमी दिल्ली में ज़ेबरा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर के निशान गायब।

    2. अदृश्य लकीरों से पैदल यात्री और वाहन चालक असुरक्षित।

    3. यातायात नियमों की अनदेखी, दुर्घटनाओं का बढ़ता जोखिम।

    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। सुरक्षित यातायात के लिए सड़कों पर बनी लकीरों का अपना एक विशेष महत्व है। चालक दूर से ही इन लकीरों का अर्थ समझकर अपनी चाल दुरुस्त कर लेते हैं, लेकिन जब लकीरें नजर ही न आएं तो फिर क्या होगा। उपनगरी द्वारका हो या उत्तम नगर या फिर कोई और इलाका, कई जगह आपको ये लकीरें ढूंढने से भी नजर नहीं आएंगी।

    अधिकांश सड़कों पर नहीं दिखती लकीरें 

    अधिकांश जगहों पर जेब्रा क्रासिंग की लकीरें नजर नहीं आती। बड़ी सड़कों पर तो कहीं कहीं धूमिल लकीरें नजर आ भी जाएं लेकिन कम चौड़ी सड़काें पर तो इनका दिखना दुर्लभ हैं। क्षेत्र की बात करें तो नजफगढ़ मेन रोड, नजफगढ़ नांगलोई रोड, ढांसा मेन रोड, कापसहेड़ा मेन रोड, डाबड़ी-पालम रोड, पंखा रोड, लाल साईं मार्ग सहित अधिकांश सड़कों के दो तिहाई हिस्से पर बनी लाल बत्ती पर आपको जेब्रा क्रासिंग की लकीरें नजर नहीं आती हैं।

    द्वारका उपनगरी में भी अधिकांश जगहों पर इन लकीरों को नजर आना दुर्लभ है। उपनगरी का सर्वाधिक व्यस्त आशीर्वाद चौक चौराहा और इसके आसपास नजर डाल लें तो आपको अधिकांश जगह किसी भी प्रकार की लकीर दिखाई नहीं देगी।

    यह स्थिति यहां इसलिए गंभीर है क्योंकि रात के अंधेरे में यहां सड़कों पर रोशनी का इंतजाम न के बराबर है, ऐसे में यहां स्थिति गंभीर हो जाती है। द्वारका से थोड़ी ही दूर डाबड़ी-पालम रोड या पंखा रोड के कुछ हिस्से में जेब्रा क्रासिंग की लकीरें बड़ी मुश्किल से नजर आती हैं। दूर से तो यह आपको नजर नहीं आएंगे, हां पास आने पर हल्की हल्की दिखाई देती है।

    हर लाल बत्ती पर जेब्रा क्रासिंग का होना जरूरी 

    यातायात पुलिस के मुताबिक सड़क सुरक्षा से नियम के तहत प्रत्येक लाल बत्ती पर जेब्रा क्रासिंग का होना अनिवार्य है। जेब्रा क्रासिंग का प्रविधान पैदल यात्रियों के लिए किया जाता है ताकि वे लाल बत्ती पर वाहनों के रुकने के बाद सड़क पार कर सकें।

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    जहां लाल बत्ती नहीं है और केवल जेब्रा क्रासिंग है, वहां वाहन चालकों से अपेक्षा की जाती है कि यदि कोई राहगीर जेब्रा क्रासिंग पार कर रहा हो तो वह क्रासिंग से थोड़ी दूर पहले वाहन रोक दे। हालांकि यहां राहगीरों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे सड़क पार तभी करें जब वाहन या तो धीमी रफ्तार से आ रहे हो या उनका आना कुछ समय के लिए बंद हो चुका हो।

    स्पीड ब्रेकर का नहीं चलता पता 

    पैदल राहगीरों की बात को छोड़ दें और वाहन चालकों की बात करें तो कई सड़कों पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं।

    नियम के मुताबिक इन स्पीड ब्रेकर को जेब्रा पैटर्न के हिसाब से पेंट किया जाना चाहिए ताकि वाहन चालक को उचित दूरी पर नजर आ जाए कि उसे वाहन की रफ्तार कम करनी है, लेकिन क्षेत्र में शायद ही कहीं स्पीड ब्रेकर वाहन चालक को नजर आए।

    परिणाम यह होता है तेज रफ्तार से दौड़ रही गाडियों के लिए स्पीड ब्रेकर पार करना एक बड़ा झटका खाने जैसा बन जाता है। इससे वाहन के अनियंत्रित होने का भी खतरा रहता है।

    दिल्ली में सड़कों पर बने निशानों का निर्धारण मुख्य रूप से भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों और दिल्ली यातायात पुलिस के नियमों के आधार पर किया जाता है। सड़क पर बनी सफेद और पीली पट्टियां केवल निशान नहीं, बल्कि मूक निर्देश हैं। टूटी सफेद पट्टी लेन बदलने की अनुमति देती है, जबकि ठोस सफेद रेखा लेन बदलने पर प्रतिबंध लगाती है। जेब्रा क्रासिंग पर वाहन रोकना दंडनीय अपराध है।

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