10 करोड़ की लागत से नैनी झील बनेगी पर्यटन हब, MCD ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
मॉडल टाउन स्थित नैनी झील के सुधार और सौंदर्यीकरण की योजना एक बार फिर सामने आई है। यह परियोजना पिछले पांच से दस सालों से राजनीतिक विवादों, प्रशासनिक बा ...और पढ़ें

मॉडल टाउन स्थित नैनी झील के सुधार और सौंदर्यीकरण की योजना एक बार फिर सामने आई है। इमेज एआई
निहाल सिंह, नई दिल्ली। मॉडल टाउन स्थित नैनी झील के सुधार एक बार फिर प्लान सामने आया है। एमसीडी ने झील के सुधार और सुंदरीकरण के लिए निविदाएं आमंत्रित की है। पांच साल से यह परियोजना काफी राजनीतिक दलों के झगड़े तो कभी प्रशासनिक उलटफेर की वजह से लंबित पड़ी है। जबकि नैनी झील एक बेहतर पर्यटन स्थल के तौर पर माना जाता है।
रिहायशी क्षेत्र के बीच बनी इस झील में दूर-दराज से पर्यटक आते हैं। इस झील की गंदगी को साफ करने के साथ ही झील के चारों तरफ सुंदरीकरण होना है। साथ ही झील में पर्याप्त पानी रहे इसके लिए जलमल शोधित सयंत्र (एसटीपी) का पानी भी पाइपलाइन के जरिये लाना था।
झील के सुधार सबसे पहले परियोजना 2015-16 में आई। जब तत्कालीन आप सरकार में पर्यटन मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने झील को 'टूरिज्म हब' बनाने और इसके पारिस्थितिक पुनरुद्धार के लिए एक विस्तृत योजना की घोषणा की थी। इसमें शिकारा बोट्स और लेजर शो जैसे आकर्षण शामिल थे। लेकिन वह भी अभी तक फाइलों से जमीन पर नहीं निकला है।
इतना ही नहीं 2022 में केंद्र सरकार ने जब एमसीडी की फंड की कमी को देखते हुए जीर्णोद्वार के लिए 10 करोड़ की वित्तीय मदद की तो भी एमसीडी इस योजना को फाइलों से जमीन पर नहीं उतार सकी। 2022 में निगमों के एकीकरण के बाद स्थायी समिति का गठन न होने से इस परियोजना को मंजूरी न मिलने की वजह से 2025 तक यह मामला लटका रहा।
इतना ही नहीं एमसीडी ने निविदा आमंत्रित की तो एक ही बोली आने की वजह से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब 2026 में एमसीडी ने फिर इसके सुधार के लिए निविदा आमंत्रित की है। जिसमें 10 करोड़ की लागत से झील का सुधार और सुंदरीकरण का कार्य होगा।
खबरें और भी
कब-कब क्या क्या घोषणाएं इसके सुधार के लिए हुई
- 2015-2016 की योजना: दिल्ली सरकार के तत्कालीन पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने झील को ''''टूरिज्म हब'''' बनाने और इसके पारिस्थितिक पुनरुद्धार के लिए एक विस्तृत योजना की घोषणा की थी। इसमें शिकारा बोट्स और लेजर शो जैसे आकर्षण शामिल थे।
- 2022 का अमृत सरोवर मिशन: केंद्र सरकार के अमृत सरोवर मिशन के तहत जून 2022 में झील के कायाकल्प के लिए लगभग 10 करोड़ आवंटित किए गए थे।
- 2023-2024 के प्रयास: नगर निगम ने झील को बोरवेल के बजाय एसटीपी के उपचारित पानी से भरने के लिए 10.7 करोड़ का टेंडर निकाला।
- 2025-2026 में दिल्ली पर्यटन विभाग ने झील क्षेत्र में लाइटिंग, सफाई और सुंदरीकरण के लिए 14.75 लाख के नए टेंडर आमंत्रित किए हैं।
देरी का क्या है कारण
विभागों के बीच खींचतान : झील का स्वामित्व एमसी़डी के पास है, जबकि इसके रखरखाव और नौकायन का जिम्मा दिल्ली पर्यटन विभाग के पास रहा है। दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर हमेशा विवाद बना रहा, जिससे काम ठप हो गया।
राजनीतिक गतिरोध: दिल्ली में 2015 ले 2025 तक आप सरकार और भाजपा शासित एमसीडी के बीच आपसी मतभेदों के कारण कई बार समझौते रद्द हुए।ृ
प्रशासनिक बाधाएं: 2022 से 2025 में एमसीडी की स्थायी समिति का गठन न होने के कारण पांच करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी नहीं मिल पाई।
तकनीकी और टेंडर संबंधी समस्याएं: कई बार टेंडर प्रक्रिया में केवल एक ही बोली प्राप्त हुई या तकनीकी कारणों से टेंडर वापस लेने पड़े।
यह भी पढ़ें: दिल्ली सरकार के स्कूलों ने रचा इतिहास, 10वीं में पास प्रतिशत बढ़कर हुआ 97.27%