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    Budget 2026: केंद्रीय बजट रेलवे सेक्टर में लाएगी बड़ी क्रांति, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से लोगों में आएगी खुशहाली

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 06:33 PM (IST)

    केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को शामिल करने से इसके निर्माण की उम्मीदें बढ़ी हैं। यह लगभग 800 किमी लंबा कॉरिडोर यात्रा समय को ...और पढ़ें

    केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को शामिल करने से इसके निर्माण की उम्मीदें बढ़ी हैं। जागरण

    केंद्रीय बजट में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को शामिल करने से इसके निर्माण की उम्मीदें बढ़ी हैं। जागरण

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    संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। नई दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेज़ी आने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर को केंद्रीय बजट में घोषित सात हाई-speed रेल कॉरिडोर परियोजनाओं में शामिल किया गया है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन ने 2021 में ही इस प्रोजेक्ट के लिए ग्राउंड सर्वे किया था।

    बजट में शामिल होने से अब इस प्रोजेक्ट के हकीकत बनने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इससे NCR और उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों के बीच रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार होगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और टूरिज्म और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोज़गार के नए मौके पैदा होंगे और पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।

    अभी दिल्ली से वाराणसी के लिए सबसे तेज ट्रेन, वंदे भारत एक्सप्रेस, आठ घंटे लेती है। दूसरी ट्रेनें 10 से 12 घंटे लेती हैं। हाई-स्पीड ट्रेन यह दूरी तीन से चार घंटे में तय करेगी।

    हाई-स्पीड रूट में मथुरा, अयोध्या और काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल होंगे। लंबी दूरी की यात्रा में कम समय लगने से टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इस लगभग 800 किलोमीटर लंबे रूट पर 13 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। हज़रत निज़ामुद्दीन (दिल्ली) और वाराणसी के साथ-साथ नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में स्टेशनों पर चर्चा हो रही है।

    तेज कनेक्टिविटी से कमर्शियल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नए आर्थिक ज़ोन विकसित होंगे और रियल एस्टेट कारोबार मजबूत होगा। टूरिज्म और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए सीधे और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।

    हाई-स्पीड ट्रेनें पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। वे सड़क और हवाई परिवहन की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करती हैं।
    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि यह सिर्फ़ एक रेल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि गति, प्रगति और जनता के भरोसे का प्रतीक है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली की कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाएगा। यात्रा तेज़ और ज़्यादा सुविधाजनक होगी। व्यापार और उद्योग के लिए नए बाजार खुलेंगे।

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