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    DU के चौथे वर्ष के शोध नियमों पर शिक्षकों ने उठाए गंभीर सवाल, DTF ने मांगा नोटिफिकेशन रिव्यू; स्टूडेंट्स-टीचर्स परेशान

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 07:41 PM (IST)

    डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के स्नातक कार्यक्रम के नए नियमों पर चिंता जताई है। उन्होंने कुलपति को पत्र लिखकर 8 ...और पढ़ें

    डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के स्नातक कार्यक्रम के नए नियमों पर चिंता जताई है। फाइल फोटो

    डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के स्नातक कार्यक्रम के नए नियमों पर चिंता जताई है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के चौथे साल से जुड़े नए नियमों पर चिंता जताई है। DTF ने DU के वाइस चांसलर योगेश सिंह को लेटर लिखकर 8 जनवरी, 2026 और 22 जनवरी, 2026 को जारी नोटिफिकेशन का रिव्यू करने की मांग की है।

    DTF का कहना है कि चौथे साल के स्टूडेंट्स पर बहुत ज़्यादा एकेडमिक और रिसर्च वर्क का बोझ डाला जा रहा है। स्टूडेंट्स को अपनी रिसर्च के साथ-साथ कई मुश्किल सब्जेक्ट पढ़ने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें मुश्किलें हो रही हैं। टीचर्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के रिसर्च टारगेट, जैसे स्कोपस जर्नल्स में पब्लिकेशन, बुक चैप्टर्स, या नेशनल और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रेजेंटेशन, स्टूडेंट्स के लिए बहुत चैलेंजिंग हैं।

    टीचर्स ने यह भी कहा कि रिसर्च इवैल्यूएशन सिस्टम साफ नहीं है। एक ही एक्सपर्ट को कई स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स का इवैल्यूएशन करने के लिए रखा गया है, जो प्रैक्टिकल नहीं है। इसके अलावा, नोटिफिकेशन में एक्सपर्ट्स के लिए हॉनोरेरियम और इवैल्यूएशन प्रोसेस के बारे में साफ तौर पर नहीं बताया गया है।

    DTF ने मांग की है कि यूनिवर्सिटी चौथे साल के स्ट्रक्चर और रिसर्च नियमों पर फिर से विचार करे ताकि स्टूडेंट्स और टीचर्स दोनों को बेवजह परेशानी न हो।

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