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    17 सितंबर को हो सकते हैं DUSU चुनाव, विश्वविद्यालय में गर्माया चुनावी माहौल; नए वोटरों पर टिकी सबकी नजर

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 09:36 PM (IST)

    दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 17 सितंबर को होने की संभावना है, जिसके लिए कैंपस में चुनावी माहौल तेज हो गया है। छात्र संगठन नए छात्रों पर ...और पढ़ें

    17 सितंबर को डूसू चुनाव हो सकते हैं। फोटो: आर्काइव

    17 सितंबर को डूसू चुनाव हो सकते हैं। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. डूसू चुनाव 17 सितंबर को होने की संभावना है

    2. छात्र संगठन नए मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं

    3. लिंगदोह समिति के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा

    लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। डूसू चुनाव इस वर्ष 17 सितंबर को होने की संभावना है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया है, लेकिन कालेज परिसरों में चुनावी माहौल बनना शुरू हो गया है।

    छात्र संगठनों ने नए विद्यार्थियों के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए सदस्यता अभियान, हेल्प डेस्क, परिचय कार्यक्रम और छोटे-छोटे संवाद कार्यक्रम तेज कर दिए हैं।

    पहली बार मतदान करेंगे बड़ी संख्या में नए छात्र

    डूसू का चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के 69 कालेजों के नियमित छात्रों के लिए होता है। इसके तहत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए मतदान कराया जाता है। चुनाव में हजारों छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं।

    विश्वविद्यालय के करीब 71 हजार स्नातक सीटों वाले इस सत्र में बड़ी संख्या में प्रथम वर्ष के छात्र पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में सभी छात्र संगठनों की नजर नए मतदाताओं पर है।

    छात्र संगठनों ने तेज किया चुनाव प्रचार

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) समेत अन्य संगठन काॅलेज स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।

    नार्थ कैंपस के साथ-साथ साउथ कैंपस और ऑफ-कैंपस काॅलेजों में भी संगठन लगातार बैठकें कर चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया प्रचार के साथ व्यक्तिगत संपर्क पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

    दो सप्ताह में पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

    विश्वविद्यालय के सूत्रों के अनुसार, चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद नामांकन, जांच, नाम वापसी और मतदान की प्रक्रिया लगभग दो सप्ताह के भीतर पूरी की जाएगी। इसके साथ ही लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों के तहत पोस्टर, बैनर, खर्च और प्रचार गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी।

    कैंपस में बढ़ी चुनावी सरगर्मियां

    चुनाव की संभावित तारीख सामने आने के बाद कैंपस में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में प्रत्याशियों के नाम तय होने, गठजोड़ और चुनावी मुद्दों को लेकर हलचल और बढ़ने की संभावना है।

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