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    द्वारका में खुले नाले में गिरा युवक, फुटपाथ पर जलभराव बना काल; 7 घंटे के बाद भी नहीं लगा सुराग

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 10:23 PM (IST)

    द्वारका के बामनोली में भारी बारिश के दौरान एक युवक खुले पीडब्ल्यूडी नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गया। सात घंटे के तलाशी अभियान के बाद भी उसका सुराग ...और पढ़ें

    जिस नाले में युवक गिरा, उसे अभी ढक दिया गया है। फोटो: जागरण

    जिस नाले में युवक गिरा, उसे अभी ढक दिया गया है। फोटो: जागरण

    HighLights

    1. युवक द्वारका के खुले पीडब्ल्यूडी नाले में बहा

    2. सात घंटे चला तलाशी अभियान, युवक का सुराग नहीं

    3. हादसे के बाद नाला ढकने पर उठे सवाल

    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका के सेक्टर-25 स्थित बामनोली मेन स्टैंड के पास बृहस्पतिवार दोपहर भारी बारिश के दौरान खुले पीडब्ल्यूडी नाले में गिरकर एक युवक तेज बहाव में बह गया।

    दमकल विभाग, एनडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की संयुक्त टीम ने करीब सात घंटे तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।

    अंधेरा होने और दृश्यता कम होने के कारण एसडीएम कापसहेड़ा की अनुमति से शाम करीब 7:30 बजे अभियान रोक दिया गया। शुक्रवार सुबह फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा।

    सात घंटे चला रेस्क्यू, नहीं मिला युवक का सुराग

    दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार घटना की सूचना दोपहर 12:20 बजे मिली। सूचना मिलते ही 12:21 बजे एसटीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दमकल विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।

    बाद में एनडीआरएफ और डीडीएमए की टीमें भी अभियान में शामिल हुईं। अधिकारियों ने बताया कि जिस नाले में युवक गिरा, वह आगे चलकर बड़े नाले और फिर नहर में मिल जाता है। तेज बहाव और नाले के बड़े दायरे के कारण तलाश अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

    जलभराव के बीच खुले नाले में गिरा युवक

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी। बामनोली मेन स्टैंड के पास फुटपाथ से गुजर रहा युवक बारिश और जलभराव के कारण खुले नाले को देख नहीं सका और सीधे उसमें जा गिरा।

    नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि आसपास मौजूद दुकानदार और स्थानीय लोग उसे बचाने के लिए दौड़े। एक व्यक्ति ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन इससे पहले ही युवक तेज बहाव में बह गया।

    हादसे के बाद नाला ढकने पर उठे सवाल

    हादसे के बाद संबंधित विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस खुले नाले ने युवक को अपनी चपेट में लिया, उसे हादसे के तुरंत बाद आनन-फानन में नए सीमेंट स्लैब से ढक दिया गया।

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    हालांकि, घटनास्थल पर युवक की एक चप्पल अब भी पड़ी हुई है, जो हादसे की भयावहता की गवाही दे रही है। लोगों का कहना है कि यदि नाले को पहले ही सुरक्षित ढक दिया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    लापरवाही की जांच और कार्रवाई की मांग

    पूर्व उपमहापौर प्रवीण राणा ने घटना को प्रशासन की गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि बारिश के दौरान खुले नाले और गायब ढक्कन लोगों की जान के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद नाले को ढककर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की गई, जबकि आवश्यकता पहले से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है, जबकि रेस्क्यू टीमें शुक्रवार सुबह एक बार फिर नाले और उससे जुड़े जलमार्गों में तलाश अभियान शुरू करेंगी।

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