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    अब घंटों का सफर सिर्फ 15 मिनट में, द्वारका से वसंत कुंज के बीच बनेगी सुरंग; जाम से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 10:19 PM (GMT+05:30)

    द्वारका से वसंत कुंज तक एक मेगा टनल का निर्माण होगा, जिससे महिपालपुर के जाम से मुक्ति मिलेगी। यह परियोजना यात्रा समय को 45-60 मिनट से घटाकर सिर्फ 15 म ...और पढ़ें

    द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक बनेगा छह लेन का टनल। (AI Generated Image)

    द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक बनेगा छह लेन का टनल। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. द्वारका से वसंत कुंज तक मेगा टनल का निर्माण।

    2. महिपालपुर के जाम से मिलेगी स्थायी मुक्ति।

    3. यात्रा समय 45 मिनट से घटकर 15 मिनट होगा।

    गौतम कुमार मिश्रा, पश्चिमी दिल्ली। अगर आप द्वारका, गुरुग्राम या आईजीआई एयरपोर्ट से रोज दक्षिणी दिल्ली (वसंत कुंज, साकेत या महरौली) की तरफ आते-जाते हैं, तो महिपालपुर चौक पर लाल बत्ती वाला जाम आपके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर के लाखों वाहन चालकों को इस रोज-रोज के जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने की परियोजना तैयार हो रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना इलाके के यातायात की पूरी तस्वीर बदलकर रख देगी।

    क्या है मौजूदा दिक्कत और लोगों का दर्द

    फिलहाल, पश्चिमी दिल्ली, द्वारका एक्सप्रेसवे या गुरुग्राम से वसंत कुंज, जेएनयू या छतरपुर की ओर जाने के लिए वाहन चालकों को एनएच-48 के रास्ते आना पड़ता है। इसके बाद उन्हें महिपालपुर की संकरी और हमेशा जाम से जूझने वाली सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। व्यस्त समय में हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि महज 5 से 7 किलोमीटर का यह छोटा सा सफर तय करने में 45 मिनट से लेकर एक घंटा तक बर्बाद हो जाता है, जिससे समय और ईंधन दोनों का भारी नुकसान होता है।

    टनल से सफर होगा सुहाना, बचेंगे 45 मिनट

    इस टनल के बनने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहन चालकों को महिपालपुर की भीड़भाड़ को पूरी तरह से बाईपास करने की आजादी मिल जाएगी। यह अत्याधुनिक टनल ट्रैफिक को सतह (सड़क) से सीधे अंडरग्राउंड ले जाएगी। यानी जो गाड़ियां सीधे वसंत कुंज या दक्षिणी दिल्ली जाना चाहती हैं, वो बिना महिपालपुर की सड़कों का ट्रैफिक बढ़ाए नीचे ही नीचे निकल जाएंगी। द्वारका एक्सप्रेसवे से टनल में प्रवेश करने के बाद गाड़ियां बिना किसी रेड लाइट या रुकावट के सीधे वसंत कुंज निकलेंगी। इससे जो सफर आज रुलाता है, वो घटकर मात्र करीब 15 मिनट का रह जाएगा।

    गुरुग्राम बार्डर को राहत और पर्यावरण को संजीवनी

    इस परियोजना का सकारात्मक असर गुरुग्राम बार्डर पर भी दिखेगा। सरहौल बार्डर और रजोकरी के पास रोजाना जो भारी वाहनों का दबाव बनता है, टनल के चालू होने से वह ट्रैफिक डाइवर्ट हो जाएगा। इससे गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वालों को अबाध रास्ता मिलेगा।

    खबरें और भी

    पर्यावरण के नजरिए से देखें तो, जब हजारों गाड़ियां महिपालपुर और रंगपुरी के जाम में रेंगने के बजाय बिना रुके चलेंगी, तो इलाके के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार होगा। लोगों का कहना है कि यह परियोजना पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच खड़ी उस अदृश्य दीवार को हमेशा के लिए ढहा देगी, जो यातायात जाम के रूप में सालों से लोगों का रास्ता रोके खड़ी थी।

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