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    क्या आपका भी बैंक अकाउंट 'म्यूल खाते' के नाम पर किया गया है फ्रीज? फरीदाबाद के एक शख्स को अदालत से मिली राहत

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 06:19 PM (IST)

    फरीदाबाद के एक व्यक्ति का बैंक खाता साइबर ठगों द्वारा 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल होने के कारण फ्रीज कर दिया गया था। मात्र 150 रुपये के संदिग्ध ...और पढ़ें

    म्यूल खाते का शिकार होकर हजारों लोगों के बैंक खाते हर वर्ष फ्रीज कर दिए जा रहे हैं। एआई इमेज

    म्यूल खाते का शिकार होकर हजारों लोगों के बैंक खाते हर वर्ष फ्रीज कर दिए जा रहे हैं। एआई इमेज

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    संक्षेप में पढ़ें

    नीरज तिवारी, नई दिल्ली। साइबर ठगों द्वारा निर्दोष लोगों के बैंक खातों को 'म्यूल अकाउंट' की तरह इस्तेमाल करने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे में कई बार बिना किसी गलती के खाताधारक का बैंक खाता फ्रीज हो जाता है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई फंस जाती है। फरीदाबाद के एक व्यक्ति के साथ भी यही हुआ, जहां मात्र 150 रुपये के एक संदिग्ध लेनदेन के कारण उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। अंत में उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा, जहां से उन्हें राहत मिली और अब वे अपने खाते में जमा करीब एक लाख रुपये निकाल सकेंगे। यह मामला उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनके बैंक खाते म्यूल खाता बताकर फ्रीज कर दिए गए हैं।

    पूरा मामला क्या है?

    फरीदाबाद निवासी इस शख्स के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगों ने म्यूल अकाउंट के रूप में किया। जांच में मात्र 150 रुपये के छोटे लेन-देन के आधार पर बैंक ने खाता फ्रीज कर दिया। खाताधारक ने बैंक और पुलिस के चक्कर काटे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। वे बार-बार अपने खाते में फंसी अपनी गाढ़ी कमाई निकालने की गुहार लगाते रहे। आखिरकार, थक-हारकर उन्होंने अदालत का सहारा लिया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद खाता अनफ्रीज करने का आदेश दिया, जिससे अब वे अपनी रकम निकालने के हकदार हो गए हैं।

    म्यूल खातों पर सरकार की सख्त कार्रवाई

    केंद्र सरकार ने साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पिछले एक साल (2024-25) में भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (I4C) ने नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली के आंकड़ों के आधार पर लगभग 4.5 लाख से 8.5 लाख तक म्यूल बैंक खातों को फ्रीज या ब्लॉक किया है। ये खाते मुख्य रूप से ठगी से आए अवैध पैसे को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल इन धोखाधड़ी योजनाओं से 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पी गई।म्यूल खाते क्या होते हैं?

    म्यूल बैंक खाता किसे कहते हैं?

    म्यूल खाते वे बैंक खाते होते हैं, जो आमतौर पर किसी अन्य व्यक्ति के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग करके खोले जाते हैं। ठग इन खातों में ठगी का रुपया ट्रांसफर करते हैं और फिर एटीएम, चेक या डिजिटल तरीके से निकाल लेते हैं, ताकि असली अपराधी छिपे रहें। इसी क्रम में साइबर ठग बैंक खाते के मूल स्वामी के अंजाने में ही उनके बैंक खाते का प्रयोग कर रुपयों का हेरफेर कर देते हैं तो उसे भी म्यूल खाता ही कहा जाता है। 

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    बैंकों में म्यूल खातों (वर्ष 2024-25) की संख्या

    • एसबीआई में लगभग 40,000
    • पीएनबी में 10,000
    • कनारा बैंक में 7,000
    • कोटक महिंद्रा बैंक में 6,000
    • एयरटेल पेमेंट्स बैंक में 5,000

    (आंकड़े नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली के अनुसार हैं।)

    ये आंकड़े समस्या की गहराई को दिखाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूल खातों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए बैंकों, पुलिस और आम लोगों की जागरूकता बढ़ानी होगी। साथ ही, निर्दोष खाताधारकों के लिए फ्रीज खातों को जल्द अनफ्रीज करने की प्रक्रिया को और सरल व तेज करना जरूरी है।

    उम्मीद की किरण

    अब फरीदाबाद वाले से इन बातों का क्या कनेक्शन है, यह समझते हैं। उक्त मामले में पीड़ित बैंक खाता संचालक ने पुलिस से खूब गुहार लगाई, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब उनके पक्ष में फैसला आया है और खाता चालू करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही, कोर्ट ने आदेश दिया है कि बिना डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेश के किसी का खाता फ्रीज न किया जाए। यानी यह आदेश एक उम्मीद है उन लोगों के लिए जिनके बैंक खातों को साइबर ठगों ने म्यूल खाते की तरह इस्तेमाल किया है।

    यह मामला उन लाखों निर्दोष भारतीयों के लिए एक मिसाल है, जो अनजाने में साइबर ठगों के म्यूल खातों के जाल में फंसकर अपनी बचत खो बैठते हैं। 

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