हरीश राणा को अब पानी देना भी बंद, माता-पिता को साथ रहने की मिली अनुमति
हरीश राणा के इच्छामृत्यु मामले में एम्स ने उन्हें पानी देना भी बंद कर दिया है, लाइफ सपोर्ट पहले ही हटा दिया गया था। मानवीय कदम के तहत, एम्स ने उनके मा ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हरीश राणा के इच्छामृत्यु मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। AIIMS के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार से उन्हें पानी देना भी बंद कर दिया गया है।
लाइफ सपोर्ट और फीडिंग सिस्टम को पहले ही हटाया
इससे पहले, उनके लाइफ सपोर्ट और फीडिंग सिस्टम को पहले ही हटा दिया गया था। इस बीच, एक मानवीय कदम के तौर पर, AIIMS प्रशासन ने उनके माता-पिता निर्मला देवी और अशोक राणा को पैलिएटिव केयर सेंटर के ही एक बगल वाले कमरे में रहने की अनुमति दे दी है।

डॉक्टरों की एक टीम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी दर्द के और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो। फिलहाल, स्थिति गंभीर बनी हुई है।

हरीश राणा के वकील क्या कहा?
बता दें कि गाजियाबाद के हरीश राणा की ओर से, इच्छामृत्यु (euthanasia) जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक मुद्दे से जुड़े एक मामले में पैरवी करने वाले वकील मनीष जैन सोमवार को अपने पैतृक गांव, शामली के कंडेला पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत ने न केवल कानून को, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व दिया है। यह फैसला भविष्य में उन हज़ारों परिवारों के लिए राह खोलेगा, जिनके अपने लोग लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे हैं।
'एक परिवार के 13 साल लंबे संघर्ष का अंत'
एक बेटे को 13 साल तक वेंटिलेटर पर जिंदा रखना और दिन-ब-दिन उसकी तकलीफ को देखना किसी भी इंसान के लिए एक अत्यंत कष्टदायक और असहनीय अनुभव होता है। इस फैसले ने एक पिता को मानसिक शांति और एक बेटे को दर्द से मुक्ति दिलाई। इसी में उनकी असली जीत निहित है। 'पैसिव इच्छामृत्यु' (passive euthanasia) के लिए अदालत से अनुमति प्राप्त करके, उन्होंने एक परिवार के 13 साल लंबे संघर्ष का अंत किया।