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    इच्छामृत्यु संग हरीश राणा के अंगदान का संकल्प, एम्स मेडिकल टीम कर रही जांच; कौन से अंग किए जा सकते हैं दान?

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 06:41 AM (IST)

    गाजियाबाद के हरीश राणा, जो इच्छामृत्यु के लिए एम्स में भर्ती हैं, उनके परिवार ने अंगदान का संकल्प लिया है। एम्स की मेडिकल टीम उनके अंगों की जांच कर रह ...और पढ़ें

    हाईकोर्ट ने दो साल पहले हरीश को इच्छा मृत्यु देने से इनकार किया था। जागरण

    हाईकोर्ट ने दो साल पहले हरीश को इच्छा मृत्यु देने से इनकार किया था। जागरण

    HighLights

    1. हरीश राणा के अंगदान संकल्प की एम्स में जांच।

    2. प्रत्यारोपण हेतु अंगों की उपयुक्तता निर्धारित की जा रही।

    3. गरिमापूर्ण अंत के साथ जरूरतमंदों को नया जीवन।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इच्छामृत्यु के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती गाजियाबाद के युवक हरीश राणा के कार्यशील अंगों को दान करने के संकल्प अनुसार एम्स की मेडिकल टीम उनके अंगों की विस्तृत चिकित्सीय जांच कर रही है।

    जांच में निर्धारित होगा कि कौन-कौन से अंग कार्यशील और प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त हैं। इसके बाद आपसी सहमति से उन अंगों को प्रत्यारोपण ऐसे मरीजों में किया जाएगा जिन्हें तत्काल इसकी आवश्यकता है।

    जरूरतमंद मरीजों को मिल सके नया जीवन 

    हरीश राणा के माता-पिता ने हरीश राणा की मृत्यु के बाद उनके कार्यशील अंगों के दान का संकल्प लिया था, ताकि उनकी जीवन यात्रा समाप्त होने के बाद उनके अंगों से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके।

    परिवार का कहना है कि इच्छामृत्यु की इच्छा के साथ-साथ हरीश राणा की यह भी इच्छा थी कि उनके अंग किसी जरूरतमंद के काम आएं। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए यह पहल की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंगदान एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद कई लोगों को जीवन देने की क्षमता रखता है।

    बताया गया कि चिकित्सा जांच व कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी पर, परिवार हरीश राणा की इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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    किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े व आंत का हो सकता है दान

    हरीश राणा के मामले में परिवार द्वारा अंगदान का संकल्प जताए जाने के बाद अब यह एम्स की मेडिकल टीम की जांच पर निर्भर करेगा कि उनके शरीर के कौन-कौन से अंग प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त हैं। एम्स सूत्रों के अनुसार कार्यशील पाए जाने पर हरीश राणा की किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और आंत जैसे अंगों के दान पर विचार हो रहा है।

    इसके अलावा कार्निया और हृदय के वाल्व की भी जांच हो रही है, जिससे उनकी स्थिति का भी पता लगाया जा सके। चिकित्सक पहले विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण कर यह तय करेंगे कि कौन-से अंग सुरक्षित रूप से प्रत्यारोपण के लिए उपयोग किए जा सकते हैं, जिसके बाद परिवार की सहमति से उन्हें जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किया जा सके।

    गरिमापूर्ण अंत की ओर बढ़ती प्रक्रिया, कंफर्ट केयर पर फोकस

    लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया एम्स चिकित्सकों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से जारी है। विशेषकर फीडिंग ट्यूब (क्लिनिकली असिस्टेड न्यूट्रिशन और हाइड्रेशन) और ट्रेकियोस्टामी यानी ब्रीदिंग ट्यूब को हटाया जा चुका है। यह पूरी प्रक्रिया एम्स चिकत्सकों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की निगरानी में सावधानीपूर्वक की गई।

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    इस दौरान मरीज को किसी तरह की तकलीफ न हो, इसके लिए कंफर्ट केयर व पेन मैनेजमैंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इस स्थिति में चिकित्सा टीम का उद्देश्य सिर्फ मरीज को गरिमापूर्ण और प्राकृतिक अंत देना है। इस कारण प्रक्रिया को न तो तेज किया जा रहा है और न ही उसे रोका जा रहा है।

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