क्या है पैलिएटिव केयर जहां हरीश राणा को मिलेगी 'दर्द से मुक्ति', जल्द शुरू की जाएगी पैसिव इच्छामृत्यु की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2013 से कोमा में चल रहे हरीश राणा को पैसिव इच्छामृत्यु के लिए एम्स के पैलिएटिव केयर में भर्ती किया गया है। यहां चरणबद्ध त ...और पढ़ें

हरीश राणा को उनके गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स लाने की तैयारी की गई।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गाजियाबाद के हरीश राणा को पैसिव इच्छामृत्यु देने की तैयारी अब चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2013 से कोमा में सो रहे हरीश को शनिवार को कड़ी निगरानी के साथ एम्स के पैलिएटिव केयर में लाकर भर्ती कर लिया गया। अब इसी पैलिएटिव केयर में उन्हें जिंदा रखने के लिए लगाए गए लाइफ सपोर्ट सिस्टम को प्रक्रिया के तहत एक-एककर हटाया जाएगा जिससे उन्हें गौरवपूर्ण अंतिम विदाई दी जा सके। ऐसे में सवाल उठता है कि पैलिएटिव केयर आखिर होता क्या है?
पैलिएटिव केयर किस तरह देता है मरीज को आराम?
बता दें कि मुख्य रूप से पैलियेटिव केयर का उद्देश्य रोगियों और उनके परिवारों की पीड़ा को कम करना होता है। इसमें गंभीर या जानलेवा बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों के शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक लक्षणों का व्यापक मूल्यांकन करते हुए उपचार किया जाता है। एम्स के डॉक्टरों के अनुसार, पैलिएटिव केयर में ऐसी चिकित्सा देखभाल होती है, जिसका उद्देश्य गंभीर या असाध्य बीमारी से पीड़ित मरीज को आराम देना और उसकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है।
किस तरह के मरीजों के लिए है पैलिएटिव केयर?
उन्होंने बताया कि पैलिएटिव केयर में बीमारी को पूरी तरह ठीक करने के बजाय मरीज के दर्द, सांस लेने में तकलीफ, घबराहट, बेचैनी या अन्य शारीरिक-मानसिक परेशानियों को कम करने पर ध्यान दिया जाता है। पैलिएटिव केयर में डाॅक्टर, नर्स, काउंसलर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मिलकर मरीज और उसके परिवार की सहायता करते हैं। यह देखभाल आमतौर पर कैंसर, गंभीर न्यूरोलाॅजिकल रोग या लंबे समय से बेड पर पड़े मरीजों के लिए दी जाती है, ताकि उन्हें अपने जीवन के अंतिम पल तक अधिकतम आराम और गरिमा के साथ देखभाल मिल सके। ऐसे में मरीज के देखरेख करने वाले परिजनों को भी होने वाली पीड़ा कम हो जाती है।
एक सप्ताह का लग सकता है समय
एम्स के विशेषज्ञों की देखरेख में अब हरीश राणा को इसी पैलिएटिव केयर में रखा जाएगा। साथ ही, उनके शारीरिक लक्षणों को देखते हुए एक-एक कर लाइफ सपोर्ट सिस्टम को बंद किया जाएगा। हालांकि, एम्स के सूत्रों के अनुसार, इस जटिल प्रक्रिया में तकरीबन एक सप्ताह या उससे ज्यादा का समय लग सकता है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- भारत में पहली बार इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू, हरीश राणा एम्स लाए गए; अब धीरे-धीरे हटाएंगे लाइफ सपोर्ट सिस्टम
यह भी पढ़ें- हरीश राणा की गरिमापूर्ण विदाई होगी एम्स के पैलिएटिव केयर में, परिवार को रह-रहकर याद आ रही हर बीती बात
यह भी पढ़ें- हरीश राणा की इच्छामृत्यु मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एम्स में मंथन, पैलिएटिव केयर में भर्ती की तैयारी