हौजरानी होटल अग्निकांड के आरोपित रसोइये को 51 दिन बाद मिली जमानत, 23 लोगों की गई थी जान
साकेत कोर्ट ने हौजरानी अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रसोइये केशव नेगी को 51 दिन बाद जमानत दे दी है। इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई थी और केशव पर लापर ...और पढ़ें

आरोपित रसोइया केशव नेगी पर हौजरानी अग्निकांड मामले में चल रही है सुनवाई। आग की लपटों में आकर 23 लोगों की जान चली गई थी। जागरण आर्काइव
HighLights
रसोइये केशव नेगी को 51 दिन बाद जमानत मिली।
आग रसोइये की कथित लापरवाही के कारण फैली थी।
हौज रानी अग्निकांड में 23 लोगों की जान गई थी।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। साकेत कोर्ट ने हौजरानी अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रसोइये केशव नेगी को 51 दिन बाद जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समर विशाल ने सोमवार को जमानत देने का आदेश दिया।
दिल्ली पुलिस ने घटना के बाद केशव के अलावा होटल के मालिक लवकेश बजाज व मैनेजर जय मिश्रा को भी गिरफ्तार किया था। तब से तीनों न्यायिक हिरासत में ही थे। इससे पहले केशव नेगी की ओर से आठ जून को भी जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
आरोप है कि हौजरानी स्थित फ्लोरिस स्टे बीएंडबी होटल में लगी आग रसोइये केशव नेगी की लापरवाही के चलते फैली। पुलिस के मुताबिक सुबह आठ बजे उसकी ड्यूटी शुरू हुई। उसने किचन में इलेक्ट्रिक स्टोव आन किया। एयर फ्रायर व डीप फ्रायर को भी चालू किया।
सुबह लगभग 8.40 बजे एयर फ्रायर में शाॅर्ट सर्किट से आग लगी। पास में ही डीप फ्रायर में तेल था, जिसके वजह से आग तेजी के साथ किचन में फैल गई। उस समय भू-तल पर केशव के अलावा कोई अन्य स्टाफ नहीं था। आग भड़कने पर वह भाग खड़ा हुआ। इतना ही नहीं केशव नेगी ने बिजली सप्लाई बंद कर दी और बाहर भाग आया।
होटल में बने कमरों के दरवाजे इलेक्ट्राॅनिक थे। सप्लाई बंद होने से इलेक्ट्राॅनिक दरवाजे बंद हो गए और कई लोग होटल के अंदर ही फंसे रह गए। बता दें कि तीन जून की सुबह हुए इस हादसे में कुल 23 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में 14 विदेशी मूल के नागरिक थे।