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    दिल्ली एयरपोर्ट दुनिया के 10 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स की सूची से बाहर, ACI रिपोर्ट में 11वें स्थान पर खिसका

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 05:50 AM (IST)

    एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में 11 ...और पढ़ें

    दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में 11वें स्थान पर खिसक गया है। फाइल फोटो

    दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में 11वें स्थान पर खिसक गया है। फाइल फोटो

    गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआइ) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आइजीआइ एयरपोर्ट अब दुनिया के 10 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट (यात्रियों की आवाजाही) की सूची से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गया है। वर्ष 2025 में दिल्ली एयरपोर्ट ने 7.81 करोड़ यात्रियों का प्रबंधन किया।

    इसमें 2024 के मुकाबले महज 0.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां वैश्विक हवाई यातायात 3.6 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ रहा है, वहीं आइजीआइ एयरपोर्ट की विकास दर करीब करीब स्थिर है और यही रैंकिंग गिरने का सबसे बड़ा कारण बनी। वर्ष 2022 और 2024 में आइजीआइ एयरपोर्ट नौवें और वर्ष 2023 में 10वें पायदान पर रहा था।

    क्यों थमी रफ्तार?

    इस गिरावट के पीछे कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद सेना द्वारा शुरू किए गए "आपरेशन सिंदूर" ने उत्तर भारत के हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तर भारत के कुछ रणनीतिक एयरपोर्ट पर उड़ानों के अस्थायी निलंबन दिल्ली के लिए "कनेक्टिंग ट्रैफिक" के नुकसान का कारण बना।

    आइजीआइ के एक मुख्य रनवे को मरम्मत के लिए तीन महीने तक बंद रखना पड़ा। पीक ट्रैवल सीजन में एक रनवे का कम होना सैकड़ों उड़ानों की कटौती का सबब बना। साथ ही, दिसंबर के कोहरे और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस के परिचालन संबंधी संकट ने यात्रियों के फुटफाल को और कम कर दिया।

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    दूसरी ओर पाकिस्तान एयरस्पेस लगातार बंद होने से दिल्ली का ट्रांजिट हब बनने का सपना प्रभावित हो रहा है। लंबी दूरी की उड़ानों से ईंधन की लागत बढ़ी है, जिससे विदेशी यात्रियों ने वैकल्पिक रूट चुनना शुरू कर दिया है।

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