व्यस्त एयरपोर्ट की ताजा रैंकिंग जारी, IGI को टॉप-10 एयरपोर्ट में नहीं मिली जगह; क्या है गिरावट की वजह?
एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों की सूची में 11वें स्थान पर खिसक गया है। य ...और पढ़ें

आईजीआई एयरपोर्ट पर मौजूद यात्री। (फोटो सौजन्य- एएनआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आईजीआई एयरपोर्ट अब दुनिया के 10 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट (यात्रियों की आवाजाही) की सूची से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गया है।
वर्ष 2025 में दिल्ली एयरपोर्ट ने 78.1 मिलियन यात्रियों का प्रबंधन किया। पहली नजर में यह आंकड़ा बड़ा लग सकता है, लेकिन 2024 के मुकाबले इसमें महज 0.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां वैश्विक हवाई यातायात 3.6 प्रतिशत की औसत दर से बढ़ रहा है।
-1776264707105.jpg)
सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated
वर्ष 2024 में क्या थी आईजीआई की रैंकिंग?
वहीं आईजीआई एयरपोर्ट की विकास दर करीब करीब स्थिर है और यही रैंकिंग गिरने का सबसे बड़ा कारण बनी। वर्ष 2022 और 2024 में आईजीआई एयरपोर्ट नौवें और वर्ष 2023 में 10वें पायदान पर रहा था।
क्यों थमी रफ्तार?
इस गिरावट के पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद सेना द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने उत्तर भारत के हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया।
उत्तर भारत के कुछ रणनीतिक एयरपोर्ट पर उड़ानों के अस्थायी निलंबन दिल्ली के लिए 'कनेक्टिंग ट्रैफिक' के नुकसान का कारण बना। आईजीआई के एक मुख्य रनवे को मरम्मत के लिए तीन महीने तक बंद रखना पड़ा।
-1776264430872.jpg)
सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated
पीक ट्रैवल सीजन में एक रनवे का कम होना सैकड़ों उड़ानों की कटौती का सबब बना। साथ ही, दिसंबर के कोहरे और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस के परिचालन संबंधी संकट ने यात्रियों के फुटफाल को और कम कर दिया।
दूसरी ओर पाकिस्तान एयरस्पेस के लगातार बंद होने से दिल्ली का ट्रांजिट हब बनने का सपना प्रभावित हो रहा है। लंबी दूरी की उड़ानों के कारण ईंधन की लागत बढ़ी है, जिससे विदेशी यात्रियों ने वैकल्पिक रूट चुनना शुरू कर दिया है।
खबरें और भी
विशेषज्ञों का मानना है कि आईजीआई के लिए 11वें स्थान पर होना कोई विफलता नहीं है, लेकिन यह दर्शाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाओं और क्षेत्रीय अस्थिरता का असर सीधे व्यापार पर पड़ता है।
यह भी पढ़ें- IGI एयरपोर्ट पर अब सफर होगा आसान, नया गाइड 13 विदेशी भाषाओं में देगा आपके हर सवाल का जवाब