फर्जी दवा रैकेट रिश्वत कांड: IPS दीपक गहलावत को एक दिन की CBI रिमांड पर भेजा गया
आईपीएस दीपक गहलावत को फर्जी दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े तीन करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में एक दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है। सीबीआई ने ...और पढ़ें
-1782916681900_m.webp)
फर्जी दवा रैकेट रिश्वत मामले में आईपीएस दीपक गहलावत सीबीआई रिमांड पर।
HighLights
आईपीएस दीपक गहलावत फर्जी दवा रिश्वत मामले में सीबीआई रिमांड पर।
तीन करोड़ रुपये के फर्जी दवा रैकेट से जुड़ा है मामला।
बचाव पक्ष ने रिमांड का विरोध किया, सहयोग का दावा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआइ अदालत ने फर्जी दवाओं के निर्माण और बिक्री से जुड़े तीन करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तार 2012 बैच के हरियाणा कैडर के आइपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को एक दिन की सीबीआइ हिरासत में भेज दिया। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा ने सीबीआइ की पांच दिन की कस्टोडियल पूछताछ की मांग पर सुनवाई करते हुए एक दिन की रिमांड मंजूर की।
दीपक गहलावत वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) में तैनात हैं। सीबीआइ ने उन्हें बुधवार सुबह गिरफ्तार करने के बाद दोपहर में अदालत में पेश किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में कई पहलुओं की जांच और आरोपित से आमने-सामने पूछताछ आवश्यक है।
अधिवक्ता ने सीबीआई की रिमांड अर्जी का विरोध किया
सुनवाई के दौरान गहलावत की ओर से पेश अधिवक्ता ने सीबीआई की रिमांड अर्जी का विरोध किया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि गहलावत पहले ही चार बार जांच में शामिल हो चुके हैं और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग दिया है। अधिवक्ता ने यह भी दलील दी कि उनके बैंक खाते में आए 50 हजार रुपये रिश्वत नहीं, बल्कि उनकी पुरानी कार बेचने के लिए मिला अग्रिम भुगतान था। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि कोई भी लोक सेवक रिश्वत की रकम सीधे अपने निजी बैंक खाते में नहीं लेगा।
सीबीआई के अनुसार, एजेंसी ने दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान आरोप सामने आया कि दीपक गहलावत ने कुछ निजी व्यक्तियों से अवैध रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि उन्होंने दावा किया था कि वह पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच के दौरान अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर राहत दिला सकते हैं।
खबरें और भी
प्रदीप सिंह समेत छह निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी
इस मामले में सीबीआइ पहले ही दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत छह निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान ट्रैप कार्रवाई में करीब 25 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि विभिन्न स्थानों से लगभग 90 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।
सीबीआइ ने दीपक गहलावत से जुड़े कई ठिकानों पर भी तलाशी ली, जहां से डिजिटल उपकरण, हार्ड डिस्क और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली: मोहर्रम जुलूस में पाकिस्तानी झंडा लहराने की शिकायत पर कार्रवाई नहीं, विरोध में सुंदरकांड पाठ के दौरान बवाल