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    जनकपुरी हादसा: लापरवाही बरतने वाली कंपनी के ठेकेदारों पर कसा शिकंजा, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

    Updated: Tue, 10 Feb 2026 06:26 AM (IST)

    पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुख्य ठेकेद ...और पढ़ें

    जनकपुरी में खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में अदालत का कड़ा रुख।

    जनकपुरी में खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में अदालत का कड़ा रुख।

    HighLights

    1. अदालत ने जनकपुरी गड्ढे में मौत मामले में कड़ा रुख अपनाया।

    2. मुख्य ठेकेदारों हिमांशु, कविश गुप्ता के खिलाफ NBW जारी।

    3. उप-ठेकेदार की हिरासत बढ़ी, मजदूर न्यायिक हिरासत में भेजा।

    जागरण संवाददता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केके स्पन इंडिया लिमिटेड के कथित ठेकेदारों, हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडबल्यू) जारी कर दिया है।

    पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपित नोटिस जारी किए जाने के बाद भी न तो जांच में शामिल हो रहे थे और न ही कोर्ट की सुनवाई में उपस्थित हुए। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि ये दोनों आरोपित पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हो रहे थे। साथ ही कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भी वे उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के लिए एनबीडब्ल्यू जारी करने का आदेश दे दिया।

    जांच में सामने आया है कि जनकपुरी बी ब्लाक के प्रोफेसर जोगिंदर सिंह मार्ग पर डाबरी की ओर जाने वाली लेन में दिल्ली जल बोर्ड के जिस सीवर प्रोजेक्ट का काम चल रहा है, उसका मुख्य कान्ट्रैक्ट केके स्पन इंडिया लिमिटेड को ही दिया गया है। इसी प्रोजेक्ट के तहत खोदे गए करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण शुक्रवार को एक निजी बैंक के कर्मचारी कमल ध्यानी की बाइक समेत गिर जाने से जान चली गई थी।

    वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिव कुमार ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों पर कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इसमें सब-कान्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति की पुलिस हिरासत को एक दिन के लिए और बढ़ा दिया है। उस पर आरोप है कि उसने हादसे की जानकारी छिपाई, जिससे राहत कार्यों में देरी हुई। 23 वर्षीय मजदूर योगेश, जो हादसे के वक्त मौके पर मौजूद था, उसे कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। योगेश पर घटना की सूचना न देने और पीड़ित के परिजनों को गुमराह करने का आरोप है।

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    इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन की ओर से अब तक दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जिसें एक जेई जो अनुबंध पर कार्यरत्त था को निलंबित किए जाने के बाद उसकी सेवा को समाप्त कर दिया गया था। पुलिस अब गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद मुख्य ठेकेदार सह कंपनी के अधिकारी हिमांशु और कविश गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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