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    दिल्ली का 'नरक': 5 माह से पुलिस चौकी में भरा गंदा पानी, टाइफाइड-मलेरिया की चपेट में परिवार; किसी मौत का इंतजार कर रहा प्रशासन?

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 09:14 AM (IST)

    दक्षिणी दिल्ली की जंगपुरा पुलिस चौकी में पिछले पांच महीनों से सीवेज लाइन ध्वस्त होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या है। दूषित पानी जमा होने से पुलिसकर ...और पढ़ें

    जंगपुरा पुलिस चौकी के पीछे बने पुलिस क्वार्टर परिसर में भरा गंदा पानी। जागरण

    जंगपुरा पुलिस चौकी के पीछे बने पुलिस क्वार्टर परिसर में भरा गंदा पानी। जागरण

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    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चुस्त पुलिसिंग की बात हो या क्राइम पर कंट्रोल, जनता पुलिस से हर पैमाने पर खरा उतरने उम्मीद करती है। लेकिन दक्षिणी दिल्ली में एक पुलिस चौकी ऐसी भी है, जो पांच महीने से खुद बीमार है।

    बात 1983 में स्थापित जंगपुरा पुलिस चौकी की हो रही है, जो निजामुद्दीन थाने के अधीन है। सरकारी क्वार्टर में रहने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार में आए दिन कोई न कोई मलेरिया और टायफायड जैसी बीमारियों से ग्रसित हो रहा है।

    पांच महीनों से परिसर में दूषित पानी जमा

    बुधवार को भी एक परिवार की एक महिला हॉस्पिटल में एडमिट हुई। इन सबका कारण है, ध्वस्त सीवेज लाइन, जिसके कारण पिछले पांच महीनों से परिसर में दूषित पानी जमा है। हैरानी की बात तो ये है कि पुलिस चौकी से मात्र 300 मीटर की दूरी पर ही जल बोर्ड का स्थानीय कार्यालय है। लगातार शिकायतों के बाद भी बात निरीक्षण से आगे नहीं बढ़ पाई।

    थोड़ी-थोड़ी दूर पर रखे हैं पत्थर 

    चौकी परिसर में ही 13 सरकारी क्वार्टर बने हैं। वर्तमान में लगभग आठ में पुलिसकर्मी परिवार के साथ रहते हैं। क्वार्टर की ओर जाने वाले गेट के मुहाने पर ही सीवर का पानी भरा है। गंदे पानी में पैर रखना न पड़े इसके लिए थोड़ी-थोड़ी दूर पर पत्थर रखे हैं। अंदर जाने पर आंगन का हाल और भी बुरा है। पानी सड़ने के बाद काला पड़ गया है। कीड़े पैदा हो गए हैं। मच्छरों के लार्वा जहां-तहां फैले हैं। परिसर में कहीं भी दो मिनट बैठना मुहाल है। मच्छर घेर लेते हैं।

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    चार बार लिखित शिकायत की गई

    पुलिस के मुताबिक, अब तक 15 से 20 बार मौखिक और चार बार लिखित शिकायत की गई। अंतिम लिखित शिकायत छह अप्रैल को की गई। जल बोर्ड के कर्मचारी एक-दो बार मशीन लेकर आए और पानी को पंप करके निकाल दिया। अगले दिन फिर वही हाल। सीवर लाइन ध्वस्त है। नई लाइन डालने पर ही स्थाई समाधान हो सकेगा।

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    वहीं, जल बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि थाने या पुलिस चौकी परिसर के मेंटेनेंस का काम सीपीडब्ल्यूडी का है। बावजूद इसके समस्या का संज्ञान लिया जा रहा है। नई लाइन डालने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।