जेएनयू प्रशासन का बड़ा फैसला, विशेष परिस्थितियों में सितंबर 2026 तक हॉस्टल में रह सकेंगे एमफिल-पीएचडी छात्र
जेएनयू ने 2018 और 2019 बैच के टर्मिनल एमफिल-पीएचडी छात्रों को सितंबर 2026 तक हॉस्टल सुविधा का विस्तार करके बड़ी राहत दी है। ...और पढ़ें
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जेएनयू ने एमफिल-पीएचडी छात्रों को हॉस्टल सुविधा बढ़ाई।
HighLights
जेएनयू ने एमफिल-पीएचडी छात्रों को हॉस्टल सुविधा बढ़ाई।
2018-19 बैच के छात्रों को सितंबर 2026 तक राहत।
यह सुविधा विशेष परिस्थितियों में, आवेदन पर मिलेगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेएनयू ने वर्ष 2018 और 2019 बैच के टर्मिनल एमफिल-पीएचडी इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए हास्टल सुविधा का विस्तार करने का फैसला किया है। इस संबंध में डीन आफ स्टूडेंट्स (डीओएस) कार्यालय ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी किया। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार विशेष परिस्थितियों में और केवल पात्र छात्रों को केस-दर-केस आधार पर दिया जाएगा।
सितंबर 2026 तक बढ़ी समय-सीमा और आवेदन की प्रक्रिया
प्रशासन के अनुसार, 2018 और 2019 बैच के कई शोधार्थियों ने हास्टल में रहने की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। इन आवेदनों पर विचार करने के बाद विश्वविद्यालय ने सितंबर 2026 तक हॉस्टल सुविधा जारी रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। हालांकि, इसके लिए छात्रों को डीओएस कार्यालय में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा और प्रत्येक आवेदन की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी।
अंतिम बार मिली विशेष छूट और भविष्य की रूपरेखा
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सितंबर 2026 के बाद किसी भी परिस्थिति में हास्टल सुविधा का और विस्तार नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने इसे एक बार की विशेष छूट बताया है, इसलिए इसके बाद किसी अतिरिक्त अवधि की अनुमति नहीं मिलेगी।
जेएनयू प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय शोध कार्य पूरा करने में लगे छात्रों की आवश्यकताओं और उनके अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पहले विश्वविद्यालय वर्ष 2020 बैच के पीएचडी छात्रों को भी विशेष अनुमति देते हुए हास्टल में रहने की अवधि बढ़ा चुका है। नए आदेश से उन शोधार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें शोध कार्य पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।