दिल्ली के चार बड़े अस्पतालों में मेडिकल पदों पर निकली बंपर भर्ती, LG वी.के. सक्सेना ने दी मंजूरी
दिल्ली सरकार ने चार प्रमुख अस्पतालों - गुरु गोविंद सिंह, डॉ. अंबेडकर, संजय गांधी मेमोरियल और श्री दादा देव शिशु चिकित्सालय - में 4002 नए पदों को मंजूर ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने चार प्रमुख अस्पतालों में 4002 नए पदों को मंजूरी दी है। एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने गुरु गोविंद सिंह अस्पताल, डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और श्री दादा देव शिशु चिकित्सालय में कुल 4002 नए पदों का सृजन किया है। इन पदों में डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मेडिकल एवं पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं।
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दी मंजूरी
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इन पदों के सृजन को औपचारिक मंजूरी प्रदान की है। यह फैसला उन चार अस्पतालों में हाल ही में बढ़ाए गए 1515 नए बेड की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लिया गया है। इन अतिरिक्त बेड्स के साथ अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा।
ये चार अस्पताल दिल्ली के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। गुरु गोविंद सिंह अस्पताल और अंबेडकर अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों में पहले से ही मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण स्टाफ की कमी एक बड़ी समस्या थी।
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल सामान्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है, जबकि श्री दादा देव शिशु चिकित्सालय बच्चों के विशेष इलाज के लिए जाना जाता है। नए पदों के सृजन से इन अस्पतालों में डॉक्टर-मरीज अनुपात में सुधार होगा और ओपीडी, इमरजेंसी तथा वार्ड सेवाओं में तेजी आएगी।
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भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दिल्ली की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को देखते हुए उठाया गया है। नए बेड्स और स्टाफ की नियुक्ति से अस्पतालों पर दबाव कम होगा तथा मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलेगी। पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह पहल दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। उपराज्यपाल सक्सेना ने पहले भी स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नियुक्तियां और प्रमोशन को मंजूरी दी है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। शहरवासियों को उम्मीद है कि इससे सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा।