केजरीवाल ने पेपर लीक पर केंद्र सरकार को फिर घेरा, कहा- सुबूत नहीं तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का क्या मतलब?
अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के केंद्र के प्रस्ताव पर सवाल उठाया, कहा कि पर्याप्त सबूतों के बिना ऐसे न्यायालयों का कोई मतल ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
केजरीवाल ने पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट को बताया निरर्थक।
नीट 2024 मामले में सीबीआई जांच पर उठाए सवाल।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच एजेंसियां अदालत में पर्याप्त साक्ष्य ही प्रस्तुत नहीं करेंगी, तो ऐसे न्यायालयों का उद्देश्य कैसे पूरा होगा।
उन्होंने 2024 नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को पहले कथित मास्टरमाइंड बताया गया, उसे अब सीबीआई द्वारा अदालत में निर्दोष बताए जाने की खबर सामने आई है।
केजरीवाल ने कहा कि यदि उसके खिलाफ साक्ष्य नहीं हैं, तो वास्तविक जिम्मेदार कौन है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल नए कानून या फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि निष्पक्ष और प्रभावी जांच, दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई तथा भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र इस मुद्दे से प्रभावित हैं और सरकार को उनकी चिंताओं का ठोस समाधान देना चाहिए।
शांतिपूर्ण आंदोलन बनाए रखने की अपील
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, गोपाल राय और सौरभ भारद्वाज ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। संजय सिंह ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग पर प्रभावी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की है।
वहीं, गोपाल राय ने आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील करते हुए असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने को कहा।
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