मंडावली में पांच दिन से दूषित पानी की आपूर्ति, 500 परिवार खरीद रहे पेयजल
पूर्वी दिल्ली के मंडावली में पिछले पांच दिनों से नलों में दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे 500 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। लोग पीने के पानी के ल ...और पढ़ें

पूर्वी दिल्ली के मंडावली में पिछले पांच दिनों से नलों में दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है। जागरण
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र के मंडावली स्थित गिरी मार्ग इलाके में पिछले पांच दिनों से नलों में दूषित और बदबूदार पानी आने से लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों परिवार पीने के पानी के लिए निजी प्लांटों पर निर्भर हो गए हैं, जबकि घरेलू कार्यों के लिए भी साफ पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वर्षा के बीच जलजनित बीमारी फैल सकता है।
स्थानीय निवासी खुशी ने बताया कि पिछले चार से पांच दिनों से गिरी मार्ग के ए ब्लाक समेत अन्य गालियों में मटमैला और बदबूदार पानी नलों से आ रहा है। इस समस्या से करीब 500 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। मजबूरी में लोग रोजाना 20 लीटर का पानी का जार 30 रुपये में निजी प्लांट से खरीद रहे हैं। नलों से आने वाला जलबोर्ड का पानी इतना दूषित है कि उसका उपयोग पीने, खाना बनाने या अन्य घरेलू कार्यों में भी नहीं किया जा सकता।
स्थानीय निवासी गंगा ने बताया कि दूषित पानी के कारण लोगों में बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। कई परिवार कपड़े धोने और अन्य जरूरतों के लिए भी दूसरे इलाकों से साफ पानी लाने को मजबूर हैं। लगातार गंदा पानी आने से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड से जलापूर्ति की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने, पाइपलाइन की खामियों को दूर करने और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामले में जिला विकास समिति अनिल गोयल का कहना है कि इस समस्या से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है । अब मामला संज्ञान में आया है । जल्द ही समाधान किया जाएगा।
पिछले पांच दिनों से नलों में बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। पीने योग्य पानी नहीं मिलने से रोजाना पानी खरीदना पड़ रहा है। जल बोर्ड जल्द समस्या का स्थायी समाधान करे।
- सरिता जैन
दूषित पानी से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। घरेलू काम भी प्रभावित हैं।बरसात में इलाकें में स्वास्थ्य संकट गहरा गया है ।
यह भी पढ़ें: बसों में मुफ्त सफर के लिए दिल्ली में कब से अनिवार्य होगा 'सहेली पिंक कार्ड'? पहले 1 अगस्त से होना था लागू